सादर अभिवादन।
आज महाशिवरात्रि है.
हार्दिक शुभकामनाएँ.
हार्दिक शुभकामनाएँ.
शिक्षा को बेधड़क अपनाया
सबका जीवन बेहतर करने,
न जाने कितने पूर्वाग्रह पाले हैं
कि स्त्री-शिक्षा से लगे डरने।
#नारी मुक्ति आंदोलन
-रवीन्द्र
आइए पढ़ते हैं आज की कुछ पसंदीदा रचनाएँ-

साँसें भी थक चली ,पग भी थम गये
मंजिल का उधार अभी बाकी है
*तन* तो मिट्टी हुआ भस्म यूँ बन गया
एक पेड़ का उधार अभी बाकी है

यूँ बूँद कोई, कभी छलक आए,
चले पवन कोई, बहा दूर कहीं ले जाए,
बहकी, कोई बात करूँ!
स्याही न मिले तो फिर खिजाब लीजिये
घोलने को आंसुओं का सैलाब लीजिये
खुद से कुछ सवालों के जवाब लीजिये

जब हम घर पहुंचे तो मेरी नन्द सारी घटनाक्रम को सुनकर मुझे पकड़कर रोने लगी और बोली -" भाभी आप की वजह से सोनाली पर से एक खतरा टल गया और उसकी जान बच गई " मैंने कहा -
" आप गलत बोल रही हैं ,हमारी किस्मत अच्छी थी कि सोनाली हमारे साथ थी ,उसकी वजह से हम सब की जान बची " हम सभी ने ईश्वर का धन्यवाद किया। उस दिन यकीन हो चला था कि
-" आस्था में बहुत शक्ति होती हैं "
मेरी एक गुहार
-" गुरुदेव ,मेरी सोनाली की रक्षा करना " इतना सुन गुरुदेव ने हम सभी को बचा लिया था।

"बिल्कुल सही कहा आपने। लेकिन ऐसा क्यों है, कोई बताएगा?"
जब उन्हें कहीं से जवाब मिलता नहीं दिखा। तो बोले, "दरअसल पूरे देश में बिहार एकमात्र राज्य है जो अपनी जीडीपी का साढ़े पांच प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करता है। लेकिन यह खर्च शिक्षकों के वेतन नहीं ट्रेनिंग और अन्य मदों में होता है।"

आप
लिख रहे हैं
लिखते रहें
आपके
लिखने
ना लिखने से
किसी को
कोई
फर्क
नहीं पड़ता है
