मंगलवारीय अंक में
आपसभी का स्नेहिल अभिवादन।
--------
बहुत पास से गुज़रा तूफान
धरती पर लोटती
बरगद,पीपल की शाख,
सड़क के बीचोबीच पसरा नीम
असमय काल-कलवित
धूल-धूसरित,गुलमोहर की
डालियाँ, पत्तियाँ, कलियाँ
पक्षियों के घरौंदे,
बस्ती के कोने में जतन से बाँधी गयी
नीली प्लास्टिक की छत,
कच्ची माटी की भहराती दीवार
अनगिनत सपनें
बारिश में बहकर नष्ट होते देखती रही
उनके दुःख में शामिल हो
शोक मनाती रही रातभर उनींदी
अनमनी भोर की आहट पर
पेड़ की बची शाखों पर
घोंसले को दुबारा बुनने के उत्साह से
किलकती तिनका बटोरती
चिड़ियों ने खिलखिलाकर कहा-
एक क्षण से दूसरे क्षण की यात्रा में
समय का शोकगीत गाने से बेहतर है
तुम भी चिड़िया बनकर
उजले तिनके चुनकर
चोंच मे भरो और हमारे संग-संग
जीवन की उम्मीद का
गीत गुनगुनाओ। #श्वेता
-------
आज की रचनाऍं-
दर्द जब ज्वार से भी ऊँचा उठता है,
लहरें शोर करना छोड़ देती हैं।
समुद्र सिर्फ़ गहरा हो जाता है।
दुःख का बिम्ब भाटा में नीचा बैठता है
लकड़ी जब पूरी जल जाती है,
लपटें नहीं बचतीं—
बस एक मुट्ठी राख
हवा के साथ चल देती है।
राख के बिम्ब के लिए वैतरणी मचल जाती है
भूख की आँखों में सपनों का आख़िरी दीपक बुझ गया,
आँकड़ों में तिलस्मी ख़ुशहाली थमी है, बाकी सब ठीक है।
लब सिल गए हैं डर के मारे शहर के हर गवाह के,
क़ातिल के हक़ में हर गवाही थमी है, बाकी सब ठीक है।
सड़कों पर दौड़ती काली थार,
गुड़गांव के रईसजादों का व्यवहार,
और रोड़ रेज में तू तू मैं मैं के आसार,
आजकल बहुत रिस्की हो गए हैं।
हे सूर्य देव!
ज़रा रहम करो
धरती को बचाओ
मेघ को भेजो
तपते जीव-जन्तु
करुणा दिखलाओ।
मायका नदियों का
इस दुनिया में करीब डेढ़ लाख नदियां बहती हैं, जिनमें छोटी-बड़ी मिला कर तकरीबन दो सौ प्रमुख नदियां हमारे देश में लोगों को जीवन प्रदान करती हैं ! मायके से निकलने के बाद जनहित में ये कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखतीं ! ऐसी जीवन दायिनी, प्रभु की अमूल्य भेंट के प्रति हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम इनका ख्याल रखें ! इनका सम्मान करें ! यदि कुछ ना भी कर सकें तो कम से कम इन्हें ''व्यथित'' तो ना करें !
आज के लिए इतना ही
मिलते हैं अगले अंक में।
-----------
सुंदर अंक
जवाब देंहटाएंआभार
सादर वंदन
उम्मीद का गीत गुनगुनाने का आह्वान
जवाब देंहटाएंसुन्दर लिंक्स
साधुवाद
बेहतरीन रचनाओ से सुसज्जित बेहतरीन अंक 🙏 सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 👍
जवाब देंहटाएंआत्मीय आभार आपका
जवाब देंहटाएं