।।प्रातःवंदन।।
लहू-लुहान नज़ारों का ज़िक्र आया तो,
शरीफ़ लोग उठे, दूर जा के बैठ गए।
~ दुष्यंत कुमार
बुधवार भोर और हम हाजिर है चिरपरिचित अंदाज में लिंकों के संग...✍️
अज फिर चर्चा में है इलीट ग्रुप की 'मीटिंग्स' का आलीशान ठिकाना... जिमखाना क्लब
केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब पर बड़ा फैसला लेते हुए 5 जून तक उन्हें कैंपस खाली करने का आदेश दिया है. इसी आदेश के बाद अब आमजन के लिए कौतूहल का विषय बना जिमखाना क्लब अब चर्चा के केंद्र में आ गया है और साथ ही चर्चा में आ गए हैं वो लोग भी जो इस क्लब और इसकी रवायतों की आड़ में ना जाने क्या क्या कुचक्र रचते रहे हैं।.
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एक गीत -मैं अपनी वंशी को टेरूंगा
गाओ कुछ
मैं अपनी
वंशी को टेरूंगा.
खेत हुए
अग्निकुण्ड
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प्रचण्ड गर्मी
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1.
धरा उबल रही
सूर्य अलाव।
2.
तपती धरा
हाहाकार है मचा..
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कोई टूटा हुआ बल्ला भी मौसम बदल रहा है
किसी वीरान से लम्हे में जैसे कुछ मचल रहा है
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छूट गयीं सहज
सारी व्यस्तताएँ
छूट गयी जब मैं,
सारे जहान का समय
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।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह ' तृप्ति '..✍️
सुंदर चयन
जवाब देंहटाएंआभार
सादर
आपका हृदय से आभार. अच्छे लिंक्स. नमस्ते
जवाब देंहटाएंसुप्रभात! भूमिका में ज़ोरदार शेर और पठनीय रचनाओं का चयन, 'मन पाये विश्राम जहाँ' को स्थान देने हेतु बहुत बहुत आभार !
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