।।प्रातःवंदन। ।
जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से बेहतर स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो। फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी, जिसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता।"
गौतम बुद्ध
प्रस्तुतिकरण लिए आज फिर हाजिर हूं..लिंक कुछ इस प्रकार से है..✍️
आज मजदूर दिवस है,
पर
मजदूर को
आज भी काम पर जाना है—
उसे यह दिन
कैलेंडर में नहीं,
पेट में महसूस होता है।
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प्रेस क्लब ऑफ इंडिया दिल्ली ! देश की राजधानी। इसकी लाखों कहानी । एक दिल्ली में अनेक दिल्ली है। हवाई अड्डे से निकल कर कुलीन क्षेत्र की एक दिल्ली है। लुटियंस जोन में एक दिल्ली है। झुग्गी झोपड़ियों में एक अलग दिल्ली। रेलवे स्टेशन पर एक अलग दिल्ली। और प्रेस क्लब में एक अलग दिल्ली..! खैर, बड़े भाई पवन भैया के सानिध्य में प्रेस क्लब जाना हुआ। पहली बार कई चीजों को देखा। एक अलग अनुभूति हुई। जैसे देश की राजधानी के इस हृदयस्थली में देश, विदेश की चिंताओं में उलझते हुए भी घूंट घूंट में चिंता मुक्त होने के कौशल में सभी सिद्धहस्त ..!
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जबे भैयाजी खों बेताल मिलो
- डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
‘‘देख तो बिन्ना का हो गओ तुमाए भैयाजी खों?’’ भौजी घबड़ानी सी मोसे बोलीं।
मैंने देखी के भैयाजी को मों पीलो सो दिखा रओ तो औ बे कोनऊं सोंस-फिकर में डूबे हते..
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सभ्यता को नष्ट करने की जिद्द पाले
वे लहराना चाहते हैं अपना झंडा
पहाड़ों पर
रेगिस्तानों में..
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धन्यवाद
पम्मी सिंह ' तृप्ति '..✍️
बेहतरीन अंक
जवाब देंहटाएंआभार
सादर
वंदन
सुप्रभात! सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंबेहतरीन प्रस्तुति
जवाब देंहटाएं