सादर अभिवादन
नींव सोचती मीठी यादें
प्रेम पला जब किस्से में
पूछ रहीं चुप रह दीवारें
छाया किसके हिस्से में
चक्रवात अंतस में उठते
भाव शून्य में ठहर गए।।
प्रभु ने सृष्टि बनाई ! चलो अच्छा किया ! बैठे-बैठे बोर होने से क्या फायदा ! उन्होंने तरह-तरह के निर्माण किए! ऋतुएं बनाई ! पेड़-पौधे, लता-गुल्म, नदी-पहाड़, जीव-जंतु, पशु-पक्षी और ना जाने क्या-क्या ! फिर उनमें तालमेल भी बैठाया ! उनकी जरूरतों की हर चीज मुहय्या करवाई ! तस्वीर में सारे रंग भरे!कहीं कोई कमी नहीं ! पर फिर पता नहीं क्या सूझी, एक पुतला बना उसे इंसान नाम दे, धकेल दिया धरती पर ! उन्हें लगा यह मेरी सबसे उत्कृष्ट रचना है और इसके साथ ही एक अलग सा संसार अपनी समय सीमा के साथ अस्तित्व में आ गया !
विभेद नहीं करता कभी मातृस्तन,
फिर भी हम छोड़ नहीं पाते
विष दंशन,जो वृक्ष देता
है जीवन दान वही
एक दिन होता
है बलिदान,
काश हम
इस
देश की माटी में देख पाते हृदय
स्पंदन, विभेद नहीं करता
कभी मातृस्तन
बिखरना, बुरा नहीं है। टूटना बुरा है।
टूटन को छुपाये फिरने के खेल में हम लगातार और टूटते जाते हैं। कभी सब्र की नब्ज़ टटोलती हूँ। बहुत मद्ध्म मद्ध्म सी हरकत मुश्किल से ढूंढ पाती हूँ। अपने ही सब्र को गले लगाकर बैठी हूँ। आज की इस सुबह में मैं हूँ मेरा लगभग टूटा हुआ सब्र है और कुछ अगड़म बगड़म सा दिन है।
स्वेद में भीगे ललनाओं के
मुलायम दुकूल
इन गर्म हवाओं की छुअन
मुझे सदा ही
व्याकुल कर जाती है
ग्रीष्म ऋतु मुझे
सबसे कम भाती है !
नरक से अमेरिका बात करना लोकल काल रोनाल्ड रीगन, ईदी अमीन और महारानी एलिजाबेथ तीनों की मृत्यु हो गई और वे नरक में मिले। वहाँ उन्होंने एक लाल फोन देखा और शैतान से पूछा कि यह किस काम का है। शैतान ने उन्हें बताया कि यह पृथ्वी पर कॉल करने के लिए है। ईदी अमीन ने अफ्रीका के युगांडा में कॉल किया और 5 मिनट बात की। कॉल खत्म होने पर शैतान ने उन्हें बताया कि इसका खर्च 10 लाख डॉलर है, इसलिए ईदी अमीन ने उसे एक चेक लिख दिया। इसके बाद महारानी एलिजाबेथ ने इंग्लैंड में कॉल किया और 30 मिनट बात की। कॉल खत्म होने पर शैतान ने उन्हें बताया कि इसका खर्च 60 लाख पाउंड है, इसलिए उन्होंने भी उसे एक चेक लिख दिया। अंत में रोनाल्ड रीगन की बारी आई और उन्होंने अमेरिका में कॉल किया और 4 घंटे बात की। कॉल खत्म होने पर शैतान ने उन्हें बताया कि इसका खर्च 500 डॉलर है।
सादर समर्पित
सादर वंदन





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