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मंगलवार, 26 मई 2026

4754.... ये परिस्थितियॉं चिर-परिचित हैं...

मंगलवारीय अंक में
आपसभी का स्नेहिल अभिवादन।
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इस सृष्टि में पूर्णतया नष्ट कुछ भी नहीं होता,हर कण  परिस्थितियों के घर्षण से स्वरूप बदल लेती है।
एक प्रेम ही है जो हर रूप में शांति और आत्मिक सुख की जादुई अनुभूतियाँ
  सतत प्रवाहित करता रहता है।
प्रेम की अनुभूति का अलौकिक सुख समय की भट्ठी में चढ़कर मीठा होता या फीका यह परिस्थितियों की आँच पर निर्भर है।
प्रेम करना जितना सहज है प्रेम से मिली पीड़ा को सहना उतना ही कष्टकारी। 
पर सच तो यह भी है कि
क्रोध,लोभ,मोह अंहकार, ईष्या जैसी भावनाओं की विषाक्तता को मिटाने की एक औषधि है संसार में  वह है प्रेम। प्रेम जो मनुष्य को साधारण से विशेष होने की अनुभूति कराता है।
प्रेम को परिभाषित करने में हर शब्द, हर भाव असमर्थ हो जाते है। 
प्रेम की कोई भाषा नहीं 
होती, प्रेम का फूल मौन में खिलता हैं। प्रेम संगीत है, प्रेम अंतर्नाद है, प्रेम ही अनाहद नाद है।
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आज की रचनाऍं- 

आज जिस तरह दुनिया
युद्धजनित ऊर्जा-संकट से
हाहाकार कर रही है,
प्रेम के लिए तो
ये परिस्थितियाँ
चिर-परिचित हैं;
वह तो अक्सर
अभाव, प्रतिबंध
और प्रतिरोध की अँधेरी सुरंगों में ही
सबसे अधिक परिपुष्ट होता है।



जो आदमी याद दिलाता है
भूलने वाले याद दिलाने को
खराब आदत मानने लगते हैं
लगभग झक्की जैसा
आदतें बनती चुपचाप हैं
और बिगड़ती हैं  गहरा शोर करके  



इस बायोस्कोप  की  दुनिया  में  अपने  किरदार को दिलोजान से
निभाती  मंच  से   चली  जाती  हूँ
सपनों  की  फूलदार  तश्तरियाँ   टूटी  पर
मैनें  फेंका  नहीं , क्यों  भाई , अजी  क्यों कबाड़  बढ़ाती हो ?
क्यों  इस  इस  छोटे  से  कमरे  को  लाचार  बनाती  हो ?


दिल्ली जिमखाना क्लब का इतिहास भले ही 113 साल पुराना हो, लेकिन देश में अंग्रेजों के जमाने में बने ऐसे एलीट क्लब की नींव 150 साल पहले पड़ी. सबसे पहले जिमखाना क्लब मुंबई में 1875 में खुला, जबकि दिल्ली में 1913 में. लुटियंस दिल्ली के पावर सेंटर 2 सफदरजंग रोड) में दिल्ली जिमखाना क्लब (DGC) महज सोशल क्लब नहीं है, बल्कि ब्रिटिश इतिहास, सत्तानशीनों के सियासी चर्चा के साथ एलीट क्लास के के मनोरंजन का केंद्र रहा है. केंद्र सरकार ने 27.3 एकड़ में फैले जिमखाना क्लब की बेशकीमती जमीन का लीज डीड रद्द कर 5 जून तक क्लब खाली करने का आदेश दिया है. ये प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) के ठीक बगल  में है. सरकार ने इस क्लब को सुरक्षा और सैन्य जरूरतों की वजह से हाथ में लेने का फैसला किया है.
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आज के लिए इतना ही
मिलते हैं अगले अंक में।
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1 टिप्पणी:

  1. सुंदर अग्रलेख
    चिरजनित
    प्रेम के लिए तो
    कोई भी परिस्थिति मान्य
    आभार
    सादर वंदन

    जवाब देंहटाएं

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