सादर अभिवादन
ईद कब है यह अनिश्चत सा है
बताइए सुबोध जी
क्या यह भी शोध का विषय है?
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भारतीय वेद-पुराणों के आधार पर ब्रह्मा को नाट्यवेद का रचयिता माना जाता है, जबकि ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर नाटक सदियों से क्रमवार विकसित होता आने वाला कला का एक स्वरूप है। जिसकी .. युगीन आदिन युगीन मानव द्वारा हर्षोल्लास के अवसरों पर सामूहिक बेतरतीब थिरकन से लेकर लयबद्ध
सामूहिक नृत्य तक की यात्रा और फिर नौटंकी, रासलीला व रामलीला से लेकर आधुनिक नाटक तक की यात्रा भी चार्ल्स डार्विन के जैव-विकास सिद्धांत की तरह ही क्रमवार तय हुई होगी .. शायद ...
चिलबिल सी आतुर निडर
आजाद उन्मुक्त उड़ान
देर तक हवा में डोलती रही
किसी दिन देखा मैंने उसे
सबसे कष्टदायी है
सार्थक प्रश्नों को
किसी कुंवारी की कोख से जन्मे
नवजात-सा
कूड़े के ढेर में पड़ा देखना।
धृतराष्ट्र प्रसन्न हैं—
क्योंकि दरबार में
संजय अभी भी वही देख रहा है
जो उसे
दिखाने को कहा गया है।
आज पहली बार
मुझे अफसोस नहीं
अपने सफेद होते बालों का
मुझे झिझक नहीं
किसी के इन्हें देख लेने पर
आज पहली बार टाला है मैंने
अपने बालों का रंगा जाना
आज पहली बार मैं
बहुत शाँत महसूस कर रही हूँ
****आज पम्मी जी नहीं है
कृपया आप ही तलाशिए नए चर्चा कार को अग्रिम आभार
सादर समर्पित
सादर वंदन
आज पम्मी जी नहीं है
जवाब देंहटाएंकृपया आप ही तलाशिए नए चर्चा कार को
अग्रिम आभार
सुप्रभात! ईद कल है, सुंदर प्रस्तुति!
जवाब देंहटाएंजी ! सुप्रभातम् सह सादर नमन संग आभार आपका हमारी बतकही को मंच प्रदान करने हेतु ..🙏
जवाब देंहटाएंवैसे तो शोध वगैरह तो बड़े लोगों की बड़ी बातें हैं, परन्तु
प्रकृति और प्रकृति प्रदत्त हर प्राणी की प्रकृति प्रदत्त हर साँसें, हर धड़कन, उसका हर पल, हर विचार शोध का विषय है .. शायद ...
((वैसे हम बुद्धिजीवी मानवों के समाज में शोध की परिभाषा है - Copy & Paste वालों के नाम के आगे Doctor की उपाधि को चिपकाना .. शायद ...))
बहुत सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंचैत्र नवरात्र की शुभकामनाएँ🙏🙏
सुंदर अंक , आभार रचनाओं से जोड़ने के लिए ।
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