पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

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शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

728.....लिखता गया लिखते लिखते शायद लिखना आ जाये

सादर अभिवादन
लिखना-पढ़ना
आना-जाना
चलना-फिरना
उठना - बैठना
रोना-हंसना
रूठना-मनाना

और....
जलाना-बुझाना
ये जिन्दगी का
एक अहम हिस्सा है
इसमें कोई नयापन नहीं

आज की पसंदीदा रचनाओं के सूत्रों पर एक नज़र...


सत्य संधान .........डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय
शैतानों की इस नगरी में इंसान खोजते हो?
मरू भूमि में बागों का उन्वान खोजते हो?
जहाँ केवल पेट की ही चिंता सर्वोपरी हो,
वहाँ चिंतन महान खोजते हो ??



आज पति बहुत खुश है। ऑफिस से लौटते हुए पत्नी के लिये गजरा ले कर आया। पत्नी खुश। बोली - अपने हाथों से लगा दो। 
मां ने मुंह बिचका कर कहा - जोरू का गुलाम कहीं का।
मां को नाराज़ देख बेटा अगली सुबह मां की मनपसंद जलेबी ले आया।
पत्नी ने मुंह बिचकाया - चम्मच।

चुप बहुत उदास रही राह की वीरानियाँ
वो दीप प्रेम के लिए हर मोड़ को सजा गया

खिले लबों का राज़ क्या लोग पूछने लगे
धड़कनों के गीत वो सरगम कोई सुना गया

बड़बड़ाना  अक्स  अपना आईने में देखकर 
इस तरह ज़ाहिर वो अपनी  बेबसी करते रहे 

रोकने की कोशिशें तो खूब कीं पलकों ने पर 
इश्क़ में  पागल थे  आँसू  ख़ुदकुशी करते रहे

है  सराफ़त से  तेरी  बज्म  में जीना मुश्किल ।
साफ  दामन  पे  बहुत  शाद  करेगी दुनिया ।।

कत्ल  करने  का सलीका भी अजब है यारों ।
हर  सही  बात  पे  अपवाद  करेगी  दुनिया ।।

तितली....रवीन्द्र सिंह यादव
फूल तुम
यों ही
खिले रहना,
मदमाती
ख़ुशबू से
कल सुबह तक ...
यों ही
महकते रहना।



उम्मीदों की अब ऊँची थी फरमाईश,
बारिश की बूँदों में भीग जाने की थी अब ख्वाहिश,
श्रापित जीवन से मुक्त हुआ वो अन्तर्मन,
कुछ बूँदे! ..जाने क्या जादू कर गई थी सूखी डाली पर..

चलते-चलते एक पुराने अखबार की कतरन..
लिखने पढ़ने का
कुछ हुवा या नहीं 
वो खुदा जाने पर 
मक्कारी में जरूर
उस्ताद हो गया हूँ
निरक्षरों को अब 
साक्षर बना रहा हूँ
खाली बिलों में
दस्तखत करना
सिखा रहा हूँ
बुद्धीजीवी का
प्रमाण पत्र 
जब से मिला है
लाल बत्ती गाडी़
पर लगा रहा हूँ

सादर ..

एक छोटा सा वीडियो मात्र एक मिनट जाया करेगा आपका










15 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी रचना को सम्मान देने के लिए हलचल टीम को धन्यवाद।
    सुंदर प्रस्तुति के लिए मेरी शौभकामनाएँ स्वीकार करें।

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  2. Only if you reach the boundary, will the boundary recedes before you. And if you donot, I you confine your efforts, the boundary will shrink to accommodate itself to your efforts.And you can only expand your capacities by working to the very limit.

    उत्तर देंहटाएं

  3. १४/१५[--हे म्हाभाग्य्व्ती,ज्ञानस्वरूपA ,जमल के समान विशाल नेत्र्वाली,
    ज्ञान दात्री सरस्वती मुझे विद्या दो.मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ----ASHOK-सरस्वती स्त्रोत4/15--उन वचन की अदिष्ठात्री देवी को मैं प्रता हूँ जिनकी कृपा से मनुष्य देवता बन जाता है सरस्वती स्त्रोतंAshok kuमर-प्प्र्नाम करता
    ३/१५ शरत्काल में उत्पन कमल के समान मुखवाली और वब मनोरथों को देनेवाली शारदा सब सम्पतियों के साथ सदा मेरे मिख में निवास करें-
    -सरस्वती स्त्रोत-प्रस्तुति-ASHOK
    १/१५-बुधिरूपी सोने के लिए जो कसौटी के समान हैं.जो केवल वचन के द्वारा ही मूर्ख और विद्वान् की परीक्षा क्र देती हैं.वः सरस्वती हमारा पालन करें--सरस्वती स्त्रोत 4/15--उन वचन की अदिष्ठात्री देवी को मैं प्रणाम करता हूँ जिनकी कृपा से मनुष्य देवता बन जाता है सरस्वती स्त्रोतं
    २/१५ हे कमल के आसन पर बैठने वाली सुन्दरी, देवी सरस्वती,तुम सभी दिशाओं को प्रकाशित क्र रही हो.तुम अपनी देह की शोभा से खिर्साग्र को अपना दास बनानेवाली हो.तुम अपनी सुंदर मुस्कान से शरद ऋतु के के चन्द्रमा को तिरस्कृत करने वाली हो .मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ.—सरस्वती स्त्रोतं –प्रस्तुती-अशोक
    १२/१५ सरस्वती को नित्य नमस्कार है.वेड,वेदांग,वेदान्त तथा
    विद्या के स्थानों को प्रणाम है-ASHOK

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुप्रभात दी,
    बहुत प्रभावी रचनाएँ है,पठनीय लिंकों का चयन।
    दी,समझदार तोता वीडियो बहुत अच्छी है।👍👍

    उत्तर देंहटाएं
  5. शुभ प्रभात। गरिमामय पठनीय अंक। मन को मुदित करते और मंथन के लिए भाव-भूमि तैयार करते विभिन्न सूत्र। स्मार्ट तोते का वीडियो रोचक है। सभी चयनित रचनाकारों को बधाई। अपनी रचना तितली को इस अंक में पाकर अभिभूत हूं। आभार सादर। छोटे से अंतराल में पांच लिंकों का आनंद डेढ़ लाख पेज व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है इसके लिए हम सब बधाई के पात्र हैं। आप सभी का स्नेह ,आशीर्वाद और समर्थन यूं ही मिलता रहेगा यही आकांक्षा है। पुनः आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  6. शुभ प्रभात आदरणीय दीदी
    मनमोहक ,विचारणीय अंक
    सुन्दर लिंक संयोजन ,चलचित्र हमें एकाग्र होने की सीख देता है
    बहुत बढ़िया
    चयनित रचनाकारों को
    हार्दिक बधाई
    आभार ,
    "एकलव्य"

    उत्तर देंहटाएं
  7. पाँच लिंको का आनंद सफलता का एक नया आयाम लिखे इसकी कामना करता हूँ एवं अपने परिवार के सदस्यों, रचनाकारों और पाठकों को बधाई देता हूँ।
    आभार
    "एकलव्य"

    उत्तर देंहटाएं
  8. उत्तम प्रस्तुति एवम् सुंदर लिंकों के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
    स्मार्ट तोते का वीडियो बहुत बढिया..

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति ....

    उत्तर देंहटाएं
  10. सुंद​​र लिंक.....बधाई|​
    ​​​​​​आप सभी का स्वागत है मेरे ब्लॉग "हिंदी कविता मंच" की नई रचना​​ ​​​​
    ​तुम सहते जाना ​पर, आपकी प्रतिक्रिया जरुर दे|​



    https://hindikavitamanch.blogspot.in/2017/07/tum-sahte-jana.html

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत उम्दा लिंक संयोजन.....

    उत्तर देंहटाएं
  12. सुन्दर प्रस्तुति हमेशा की तरह। 'उलूक' की बकबक भी दिखाई दी आभार यशोदा जी।

    उत्तर देंहटाएं

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