।। उषा स्वस्ति ।।
"नये वर्ष के मंगल क्षण हों,
नयी नयी हो बातें
नर्तन करते सुप्रभात हों,
आँख-आँख में सुन्दर सपने,
अधर-अधर 'अमरित' हो
हाथों में हो शस्त्र भले पर,
मन में 'रामचरित' हो"
ईश्वर करुण
सुवासित भावों संग आनंद लिजिये चुनिंदा लिंको पर...
आ० पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा...झुर्रियाँ
आ० जिज्ञासा सिंह...नज़रिया
कुछ तो अच्छा होगा ही
नज़र बदल कर देखा
क़दम क़दम पर खड़ी मुसीबत
सुबह शाम होती है हुज्जत
मिलती नहीं किए की क़ीमत..
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चीनी कर रहे हैं कमाल! हो रहे हैं मालामाल!
दुनिया में बड़े-बड़े चमत्कारी लोग भरे पड़े हैं। चीनी लोग भी उन्हीं में से हैं। चीनी जो कमाल करते हैं उसकी बात ही निराली है। उस कमाल से चीनी मालामाल हो रहे हैं। दुनिया भर में छाए हुए हैं। कोरोना काल में भी चीनी अर्थव्यवस्था मटक-मटक कर चल रही है। इसके उल्टे बाकी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं ज़ोर-ज़ोर से हांफ रही हैं। नहीं-नहीं! ..
करता है वो अपनी मन मर्ज़ी का
ये दिल सुनता कहाँ है किसी का
जहाँ दरिया बहा करता था वहाँ
निशान बता रहे हैं सुखी नदी का
अपने हौसले व बाजुओं के बाद ..
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।। इति शम ।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह ' तृप्ति '..✍️



