निवेदन।


फ़ॉलोअर

शनिवार, 1 अगस्त 2026

4821 ..गगन झुका धरती को छूने, छाई मधुर उमंगिया।

सादर अभिवादन 
स्वागत है अगस्त 


बड़ी बात कह डालने का अवसर आ गया
एक अलक (अति लघु कथा ) लिख डालिए झटपट-- 

विषय था "कल्पना" 
तो आइए अपनी कल्पना को साकार कीजिए 
रचना भेजने की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2026 थी
इस प्रथम अंक को लेकर आएंगी श्वेता जी
अगले अंक का विषय भी दो तारीख को ही बताएंगे
प्रथम अंक पाक्षिक का अवलोकन करें दो अगस्त को


मेरी पसंदीदा रचनाएं




हम सभी ने महसूस किया है कि जब भी ये दोनों कहीं भी, कभी भी प्रसारित होते हैं तो तन-बदन में एक ऊर्जा सी भर जाती है ! दिल-ओ-दिमाग गौरवान्वित हो उठते हैं ! तन-बदन में एक लोमहर्षक रोमांच का अनुभव होने लगता है ! ना जाने क्या जादू छिपा है इनके शब्दों में कि पूरे शरीर में  देशभक्ति की लहर सी दौड़ जाती है ! हर देशवासी का फर्ज है, कर्तव्य है कि उसे तो ये दोनों रचनाएं कंठस्त हों ही, यह भी सुनिश्चित हो कि आने वाली पीढ़ियां भी इनसे पूर्णतया परिचित हों ! 
जय हिन्द ! वंदे मातरम !!





प्रतिकार के इस स्वर को
एक दिन
गालियों से परे
अपना मुहावरा गढ़ना होगा।

तंग गलियों से निकलकर
पहचान बनानी होगी।





हर डाली पर मुस्कुराती बहार,
मन को देती प्रेम का उपहार।
मंद पवन जब इन्हें सहलाती,
हर कली मधुर गीत सुनाती।




अब सीमा सीने का दर्द भूलकर काल्पनिक अपमान के दर्द को महसूस करने लगी। “नहीं भगवान! प्लीज आज मत मारना। आज ना तो मैं प्रिपेयर हूँ और ना ही मेरा घर।” यही प्रार्थना करते-करते सीमा गहरी नींद में सो गई







बड़ी उदास थी जो रे धरती, ओढ़ी हरी चुनरिया,
गगन झुका धरती को छूने, छाई मधुर उमंगिया।
बादल ने जब ढोल बजाया, बिजली चम-चम चमकी,
पूरब की इस ठंडी हवा में, हर एक कलियाँ महकी!


सादर समर्पित
सादर वंदन

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...