भोर वंदन
गुरुवारीय प्रस्तुति में शामिल
'आपका ब्लॉग 'से रचनाए
कई शब्द रंग-ढंग को समेटे..✍️
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आओ किस्सा तुम्हे सुनाए
recent सा है यार
साठ साल की उमर में हो गया
ऑनलाइन मुझे प्यार
ऑनलाइन मुझे प्यार
मिले वो टिंडर पे थे यार
प्रोफाइल देखकर रीझ गया दिल
हुआ पहली नज़र में प्यार
✨️
बांचती रही हूं
बस तुम्हें औ तुम्हारा लिखा ही मैं बाँचती रही हूं
तुम्हे सोना चांदी हीरा मोती सम मैं आंकती रही हूं
अक्षरशः पढ़ना तुझे जैसे सांस सांस लेना
तेरा वजूद तूफान सा और मैं पत्ते सी कांपती रही हूं
✨️

सुंदर अंक
जवाब देंहटाएंआभार
सादर
वंदन