दोहे-चौपाई, कलमा, ख़ूब रटे, पर पलटे नहीं संविधान के पन्ने,
बस इतना ही काफ़ी है हमारा मौसमी देशभक्त बनने के लिए।
दिन भर ब्लॉगों पर लिखी पढ़ी जा रही 5 श्रेष्ठ रचनाओं का संगम[5 लिंकों का आनंद] ब्लॉग पर आप का ह्रदयतल से स्वागत एवं अभिनन्दन...
दोहे-चौपाई, कलमा, ख़ूब रटे, पर पलटे नहीं संविधान के पन्ने,
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सुंदर अंक संयोजन
जवाब देंहटाएंआभार
सादर
सुन्दर समायोजन
जवाब देंहटाएंजी ! .. सादर नमन संग आभार आपका हमारी बतकही की अभिव्यक्ति को मंच तक लाने के लिए ...
जवाब देंहटाएंआज की आपकी भूमिका बिना पढ़े ही हमने आभार प्रकट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया लिख डाली थी।
जवाब देंहटाएंपरन्तु आज की आपकी भूमिका के अनुसार मुझे समाज के लगभग 90% (ज़्यादा भी हो सकते हैं .. शायद ... = ?)"स्टिकर" वाले लोगों की ही उपस्थिति मिलती है।
पर स्वयं को "स्टिकर" रहित करने का प्रयास ताउम्र करता रहा हूँ .. बस यूँ ही ...