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सोमवार, 26 जनवरी 2026

4634...गर्व से कहें हम सब एक हैं, दुनिया को ये दिखाएँ...

शीर्षक पंक्ति: आदरणीया कविता रावत जी की रचना से।

सादर अभिवादन।

गणतंत्र दिवस के 77 वें उत्सव की शुभकामनाएँ।

चित्र साभार: गूगल

26 जनवरी 1950 का दिन हमें पूर्ण स्वतंत्रता को स्मरण कराता है जब हमारा संविधान इस तारीख़ से लागू हुआ था। 76 वर्ष के लंबे अनुभव में भारत ने दुनिया के समक्ष अपनी मज़बूत स्थिति को गर्व के साथ रखा है। सामरिक दृष्टि से मज़बूती के तौर पर भारत दुनिया की आणविक हथियारों की क्षमतावाली शक्तियों-महाशक्तियों (भारत के अलावा अमेरिका,रूस,चीन,फ़्रांस,ब्रिटेन,इज़राइल,पाकिस्तान और उत्तर कोरिया) में उल्लेखनीय रूप से शामिल है.

भारत अपनी आर्थिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षमताओं के लिये विश्व विख्यात रहा है किंतु आज भारत के समक्ष विकराल समस्याओं के रूप में जनसंख्या वृद्धि, बेरोज़गारी,सामाजिक विषमता, शिक्षा की  गिरती गुणवत्ता, स्वास्थ्य क्षेत्र में सीमित संसाधन और ढाँचागत कमियाँ, ग़रीबी जैसे मुद्दे समाधान की राह ताक रहे हैं। युवा ऊर्जा का सदुपयोग करने हेतु नवीनतम आयामों को विकसित करना और देश की एकता व अखंडता के लिये नागरिकों को सक्षम और सशक्त बनाना बड़ी चुनौतियाँ हैं।

आज के दिन केवल महापुरुषों के योगदान और स्वतंत्रता के संघर्ष में राष्ट्रीय आंदोलन को याद करना मात्र हमारा लक्ष्य नहीं है बल्कि हम अपने देश के लिये सदैव समर्पित होकर कर्तव्य पथ पर डटे रहें।

'पॉंच लिंकों का आनन्द' परिवार की ओर से आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ।

सादर अभिवादन।

सोमवारीय प्रस्तुति में आज पढ़िए गणतंत्र दिवस के उत्सव से जुड़ी रचनाएँ-

आओ मिलकर अलख जगाएँ: गणतंत्र दिवस पर एक विशेष देशभक्ति गीत

शपथ उठाएँ उन वीरों की, जो सीमा पर लड़ते हैं,
मातृभूमि की रक्षा में जो, हँसकर प्राण चढ़ाते हैं!
यही समर्पित श्रद्धांजलि हो, उन अमर सपूतों को,
सर्वोपरि हो देश हमारा, यही संकल्प दोहराते हैं!
गर्व से कहें हम सब एक हैं, दुनिया को ये दिखाएँ
*****

एक देशगान -संविधान का गर्व तिरंगा

संविधान का गर्व तिरंगा

भारत का अभिमान है.

एक -एक धागे में इसके

वीरों का बलिदान है.

*****

बहे अटूट प्रेम की धारा

पावन संस्कृति अति पुरातन

विश्व साथ दे हर उत्सव में,

भजन क्लबिंग कर युवा आज के

भक्तिभाव जगायें उर में!

*****

देश मेरा सरताज है बना

नीला आसमान है

हरी है वसुंधरा

बिखरा वैभव देश में

सोना सा खरा .

*****

सरस्वती पूजा

कंठ में पहने देवनागरी की वर्णमाला

सुगंधित सतरंगी कुसुम कली मुक्ता मणि

कर में धारण कर कमल और जपमाला,

करकमल में कलम से लिखी स्नेह पाती

 चित्रकला, नृत्य, नाट्य की वरद हस्तमुद्रा।

*****

श्रद्धांजलि

मधुर आवाज़, कोमल भावों के शायर ताहिर फ़राज का मुंबई में निधन, प्रशंसकों में शोक

सर-फिरा झोंका हवा का तोड़ देगा शाख़ को
फूल बनने की तमन्ना में कली रह जाएगी

ख़त्म हो जाएगा जिस दिन भी तुम्हारा इंतिज़ार
घर के दरवाज़े पे दस्तक चीख़ती रह जाएगी

*****

फिर मिलेंगे।

रवीन्द्र सिंह यादव

 

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर अंक
    भारतीय 77 वें
    गणतंत्र दिवस पर
    अशेष शुभकामनाएं
    सादर वंदन

    जवाब देंहटाएं
  2. सुंदर अंक ! गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

    जवाब देंहटाएं

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