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रविवार, 25 अप्रैल 2021

3009 ...मुझे फिर कोई ले चलता है मेरे लड़कपन की ओर

सादर अभिवादन
किसी ने सही भविष्यवाणी की थी
रासायनिक युद्ध होगा
और हो रहा है
कहते हैं किसी का पढ़ा-लिखा गम्भीरता
से लिया जाता तो शायद ये दिन न देखने पड़ते

2019 मे लिखी कविता
प्रभाव..एक सच
देश-दुनिया भर की
व्यथित,भयाक्रांत
विचारणीय,चर्चित
ख़बरों से बेखबर
समाज की दुर्घटनाओं
अमानवीयता,बर्बरता
से सने मानवीय मूल्यों
को दरकिनार कर,


कोने कोने से आके पंछी वहाँ रहते थे
आज उजड़ा हुआ उनका आशियाँ क्यूँ है

कहीं तो कुछ भी गलत है जरूर हुआ
वरना खामोश सबकी यूँ ज़ुबाँ क्यूँ है

आओ ढूंढे कोई रास्ता सभी मिलके
इस तरह खुद की उलझनों से भागना क्यूँ है


मुझे फिर कोई ले चलता है मेरे लड़कपन की ओर
बातों से तो कभी तस्वीरों से जिज्ञासा बढ़ता कभी

हालत समझो ज़रा दूर अपने देश से उन दिनों से भी
कभी सोचूं उसी काल में रहा लूँ ज़रा कुछ पल के लिए


युगों-युगों, वो ही लड़ा!
ज्यूँ पीर, पर्वत सा, बन कर अड़ा,
चीर कर, धरती का सीना,
सीखा है उसने, जीवन जीना,
हारा कब, मानव,
जीवट बड़ा!
.....
बस
सादर


17 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीया यशोदा दी को सादर प्रणाम। पटल पर आपकी वापसी सुखद अनुभव की भांति है हम सभी के लिए।।।।
    शुभ प्रभात,व समस्त जनों को शुभकामनाएं। ।।।

    जवाब देंहटाएं
  2. आदरणीया मैम, आज आपको यहाँ वापस देख कर कितनी प्रसन्नता हो रही है, यह मैं बता भी नहीं सकती।
    यही कहूँगी की अब आप यहीं रहिएगा और अपना बहुत ध्यान रखिएगा। आपकी प्रस्तुति और अन्य प्रस्तुतियों पर आपकी पहली टिप्पणी के बिना यह ब्लॉग बहुत सूना था। माँ जानकी आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बहुत सारी प्रार्थनाएँ आपके लिए। अभीहर एक रचना पढूँगी, प्रस्तुति बहुत अनंदकर लग रही है। हार्दिक आभार व आप सबों को प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आदरणीय सर, सच। ऐसा लग रहा है मानों रामनवमी आज हो।

      हटाएं
  3. आदरणीय यशोदा दीदी,प्रणाम !
    आपकी उपस्थिति और सुंदर प्रस्तुति मन को बहुत खुशी दे रही है,आप का आना एक सुखद अहसास की तरह है, ईश्वर से प्रार्थना है, कि आप हमेशा स्वस्थ रहें, मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार एवम अभिनंदन । सादर शुभकामनाओं सहित जिज्ञासा सिंह ।

    जवाब देंहटाएं
  4. प्रशंसनीय संकलन किया है आपने आदरणीया यशोदा जी। आप स्वस्थ रहें, सक्रिय रहें, यही शुभकामना है।

    जवाब देंहटाएं
  5. यशोदा जी आपको स्वस्थ सक्रिय देखकर हार्दिक प्रसन्नता हुई , ढ़ेरों शुभकामनाएं ।बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    जवाब देंहटाएं
  6. प्रिय यशोदा ,
    तुमको यहाँ देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही .... आज लिंक्स अभी पढ़ पाई .... एक ओर जिज्ञासा के प्रश्न मन को छु रहे तो दूसरी ओर पुरुषोत्तम जी की कविता मानव की जीवटता को बता रही .... सेहर तो अभी लड़कपन में ही हैं ... और श्वेता ...जीवन के यथार्थ को सामने रख रही है .... कुल मिला कर सारे लिंक्स बेहतरीन ...

    जवाब देंहटाएं
  7. जी दी,
    पटल पर आपकी उपस्थिति हम सभी के लिए हर्ष का विषय है। आप सदा निरोग रहें यही कामना है।
    रचनाएँ पढ़ नहीं पायी हूँ।
    मेरी पुरानी रचना को आपने सम्मान दिया और सबने बहुत उत्साह बढ़ाया बहुत बहुत आभारी हूँ सभी का।

    आपका अत्यंत आभार दी।
    सस्नेह शुक्रिया।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  8. आदरणीय दीदी, सादर प्रणाम और अभिनंदन! आपको आज दोनों मंचों पर सक्रिय देखकर अपार खुशी हो रही है. ईश्वर का कोटि आभार कि आप अब स्वस्थ हैं और पुनः ब्लॉग पर उपस्थित हुई हैं! आपके संपूर्ण ब्लॉग जगत के शुभचिंतक बहुत चिंतित थे और निरंतर आपकी कुशलता की कामना कर रहे थे! अब सकुशल रहें यही कामना है! आपको भी महावीर भगवान की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! समय कठिन है पर हम सब साथ- साथ हैं! आसानी से कट जायेगा ये दौर भी! पुनः आभार और प्रणाम 🙏🙏❤❤🌹🌹🤗

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  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  10. आज के भावपूर्ण लिंक मनमोहक और पठनीय हैं! सभी रचनाकारों को सादर, सप्रेम नमन! आपको हार्दिक बधाई सुंदर प्रस्तुति के लिए! आप सदैव स्वस्थ रहे यही कामना है🙏🌹🌹❤❤

    जवाब देंहटाएं
  11. Sundar sankalan! Aapka bahut shukriya meri rachana ko apne sankalan mein shamil karne ke liye
    Sadar Naman
    Abhar!

    जवाब देंहटाएं

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