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शनिवार, 16 सितंबर 2017

792.... दूसरी औरत


आप सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष

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"हैप्पी हिन्दी डे पखवारा"
चौंकना मना है
हालत ऐसा है
मानों है

दूसरी औरत

एक पोंछा लगा रही है
एक बर्तन मांज रही है
एक कपड़े पछींट रही है
एक बच्चे को बोरे में सुला कर सड़क पर रोड़े बिछा रही है

एक फ़र्श धो रही है और देख रही है राष्ट्रीय चैनल पर फ़ैशन परेड
एक पढ़ रही है न्यूज़ कि संसद में बढ़ाई जायेगी उनकी भी तादाद



दूसरी औरत


न घर वापसी
न घर से बेघर होने,
न घर का न घाट का रहने
का खतरा है, मुझ पर।
फिर भी,



दूसरी औरत


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"पगडंडियां गवाह हैं"

उपयोग में लाओ और फेंकों की संस्कृति  ही इनके मूल्यों का निर्धारक  हैं।
चीज़ों को इसी रुप में स्वीकार कर लेने वाले सतह की चमक का
 प्रतिचित्रण करने वाले भी  अपने समय के सार भूत सत्व को
 निखार पाने में अक्षम साबित  होते  रहे  हैं।


एक नज़्म के हिस्‍से पढिए

सर पे रखते थे
जहां धूप थी, बारिश थी
घर पे दहलीज़ के बाहर ही
मुझे छोड़ दिया।


><><

फिर मिलेंगे


विभा रानी श्रीवास्तव



9 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात दीदी
    सादर चरणस्पर्श
    आज हमारे पाठक गण
    डबल प्रस्तुति का आनन्द लेंगे
    आभार

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. ढ़ेरों आशीष व असीम शुभकामनाओं के संग शुभ दिवस छोटी बहना
      पटना में दो क्लब(दैनिक जागरण का संगनी क्लब और सामयिक क्लब) की सदस्य
      और दो संस्था(लेख्य-मंजूषा की अध्यक्ष ही हूँ और आयाम)
      की सदस्य
      फ़ेसबूक हाइकु समूह
      WhatsApp समूह

      याद रहता है पोस्ट बनाना है लेकिन समय ज़रा जल्दी सरक जाता है
      सुबह से शाम... शाम से रात
      कल हिन्दी दिवस पखवारा आयोजन है लेख्य-मंजूषा में
      पत्रिका बैनर कई काम निपटाते निपटाते पूरा सप्ताह गुज़र गया
      आपको तनाव होता होगा
      देर रात तक पोस्ट दिखा नहीं होगा तो

      हटाएं
  2. सादर नमन आदरणीय दीदी।
    आज की प्रस्तुति में साहित्य के विभिन्न रंग समाये हैं।
    कथा -सम्राट मुंशी प्रेम चंद की कहानी "पंच परमेश्वर" का सूत्र वाक्य लिए प्रेरक पोस्टर , दूसरी औरत पर आधारित शोधपूर्ण चयन और अन्य श्रेष्ठ रचनाऐं।
    आज सुधि पाठक अवश्य आनंदित होकर सरस रचनाओं में डूब जायेंगे।
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाऐं।
    आभार सादर।

    जवाब देंहटाएं
  3. इतना अच्छा साहित्य एक ही जगह पर संकलित करके आपने हम सबको बहुत खूबसूरत उपहार दिया है. आपको सादर धन्यवाद दीदी.

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर प्रस्तुति..
    आभार।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति विभा जी की।

    जवाब देंहटाएं
  6. bahut Sundar prostuti Sahitya ke vibhinn roop Moga samkalin Bharat

    जवाब देंहटाएं

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