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गुरुवार, 11 मार्च 2021

2064...पीपल की पत्तियाँ झड़ गईं हैं ...

सादर अभिवादन। 

गुरुवारीय अंक में आपका स्वागत है। 


पीपल की पत्तियाँ 

झड़ गईं हैं 

कुछ दिनों में 

कोमल किसलय

हरा परिधान बनेंगे। 

#रवीन्द्र_सिंह_यादव 


आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-  

 कारण समझ पाई... आशा लता सक्सेना 

नहीं चाहती  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता  

मुझे कुछ तो  बुद्धि आई होगी  

देख कर  दुनिया के छल प्रपन्च   

  उनका पीछा करता मानव देख |

 मन मेरा भी  होना चाहता

  सराबोर  आधुनिकता के  रंग में

 पर   बोझ से दबा

  है इसी उपक्रम में |


सुनी हैं ...!...उषा किरण 

सारी नदियों से माँग चुल्लू भर- भर 

छोड़ दूँ पानी इन प्यासे बंजर खेतों में !

वापिस लौट तो आई पर

एक छोटा सा राजस्थान 

गया है संग

मेरी धड़कनों में...!


विश्वास का तारा...रोली अभिलाषा 

और तुम आते भी हो तो

मौन के रेशमी सूत में लिपटकर...

एक हठ से धुला रहता है तुम्हारा चेहरा.

तुम्हारा मौन टूटना कहीं मुश्किल है

आकाश में विश्वास का तारा टूटने से.


अर्थों के अनर्थों में... रोहितास घोड़ेला 

 
प्रकृति में समाज निर्माता आदमी ने

समाज में प्रकृति की कोई व्यस्था की
इसने खुद के सिवाय सभी को मृत चमड़ी माना
वो भूल गया ईडन गार्डन से साथ में निकली औरत को।
वहां से आज तक के सफ़र में
कौनसी मानसिकता का संकीर्ण मोड़ आया
जो आपको इतना आगे पीछे होना पड़ा,
किस बात का भय था और किसको था
जो बराबर की हस्ती तेरी मुठ्ठी में गयी।

कुछ मन की... अभिलाषा चौहान 


मुझे जब पता चला कि मेरे पति की जीवन रक्षा अब गुर्दा प्रत्यारोपण से ही सकती है तो मैंने गुर्दा दान करना ही श्रेयस्कर समझा।यह ईश्वर की अनुकम्पा ही है कि शायद उसने मुझे इसीलिए बनाया था।सच मानिए एक माह होने को रहा है और मुझे कोई परेशानी नहीं है।


चलते-चलते आदरणीय राकेश कुमार श्रीवास्तव 'राही' जी की नई पुस्तक की सूचना-

एक नदी चार किनारे... राकेश कुमार श्रीवास्तव 'राही'

नमस्कार,

मेरे प्रथम उपन्यास 'ढाई कदमको पाठकों के अपार स्नेह मिलने के बाद मैं आपलोगों के समक्ष अपना दूसरा हिंदी उपन्यास 'एक नदी चार किनारेप्रस्तुत कर रहा हूँ

*****

आज बस यहीं तक 

फिर मिलेंगे अगले गुरूवार। 


रवीन्द्र सिंह यादव  

 

10 टिप्‍पणियां:

  1. व्वाहहह..
    बढ़िया अंक..
    आभार
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर हलचल।
    सुंदर लिंक्स हैं
    कृपया मेरे नाम में जो त्रुटि हो रखी है वो सुधार देवें।
    "रोहितास घोड़ेला"

    जवाब देंहटाएं
  3. सुप्रभात
    मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवादं |शिवरात्रि की शुभ कामनाएं |सारी लिंक्स बहुत अच्छी लगीं |

    जवाब देंहटाएं
  4. सहृदय आभार आदरणीय 🙏 सादर आज की हलचल प्रस्तुति में मेरे मन की बात को रखने के लिए सहृदय आभार।सच मानिए मुझे ऐसा
    करने के लिए हमारे डाक्टर आलोक जैन जी ने कहा कि आप किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों में जो भ्रम या अज्ञानता है ,उसे दूर करने में हमारी मुहिम का हिस्सा बने। इसीलिए मैंने यह सब लिखा।शायद कुछ लोगों तक मेरी बात पहुँचे।सभी लिंक्स शानदार, प्रस्तुति बेहतरीन ,आपका पुनः धन्यवाद 🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  5. आदरणीय सर, अत्यंत सुंदर व ज्ञानवर्धक प्रस्तुति। नयी और सामयिक जानकारियों एवं भावपूर्ण रचनाओं को पढ़ कर बहुत आनंद आया।
    अत्यंत आभार इस सुंदर हलचल के लिए व आप सबों को प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
  6. बेहतरीन प्रस्तुति, बहुत ही सुंदर लिंक, सभी को बधाई हो, सुंदर रचना एवं महिला दिवस की , नमस्कार

    जवाब देंहटाएं
  7. सुंदर अंक...मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार आपका

    जवाब देंहटाएं

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