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गुरुवार, 16 जुलाई 2026

4805 ..आज ही के दिन पांच लिंकों का आनन्द का पहला अंक निकला था

बारह वर्षों से अनवरत साहित्य साधना


आज 16 जुलाई 2026 को जगन्नाथ रथ यात्रा और कर्क संक्रांति का विशेष महत्व है।
रथयात्रा भगवान जगन्नाथ की भक्ति और उत्सव का प्रतीक मानी जाती है,
जबकि कर्क संक्रांति सूर्य के राशि परिवर्तन का महत्वपूर्ण अवसर है।
धार्मिक आस्था रखने वाले लोग इसी दिन
स्नान, दान, पूजा और पुण्य कार्यों को विशेष महत्व देते हैं।

और यह भी याद है कि
आज ही के दिन पांच लिंकों का आनन्द का पहला अंक निकला था

 


कृपया देखे पहले अंक की एक झलक
और आकलन कीजिए

आज शुभारम्भ.....पांच लिंकों का आनन्द......
आज रथ यात्रा भी है...बड़ा ही शुभ दिवस
और सोने में सुहागा कि आज ईद-उल-फितर भी है
अद्भुत संगम है दोनों उत्सव का

रथयात्रा 2015 से आज रथयात्रा 2026 बारह वर्षों की लंबी यात्रा में
सोलह लाख से अधिक परिदृश्य और
चार हजार आठ सौ पांच प्रस्तुतियां इसी बात की गवाह है

पांच लिंकों का परिवार अपने शुभचिंतकों और सहयोगियों  और सुधी पाठकों का
आभार मानता है और इस सफर में सतत सहयोग का आकांक्षी है

है शौक यही अरमान यही,
हम कुछ करके दिखलाएँगे। 
मरने वाली दुनिया में हम,
अमरों में नाम लिखाएंगे

जो लोग गरीब भिखारी हैं,
जिन पर न किसी की छाया है।
हम उनको गले लगाएंगे, 
हम उनको सुखी बनाएँगे।। 
-रामनरेश त्रिपाठी


उनके वो आंसू पोछ रहा था
जिनकी पीडा मे पानी था
जो दर्द बसा था सीने
वो दुख की ही राजधानी था



नग़मे


नग़मे जो गाये नहीं गए
वक़्त की धुन पे बजाए नहीं गए
फूल झरते रहे डालियों से
ज़ुल्फ़ों में सजाए नहीं गए


सुख और संघर्ष

सुख और संघर्ष
जीवन के दो छोर हैं,
जो जैसा स्वीकार करे,
वैसा ही निखरता है।


आपदा में अवसर


राष्ट्र के समस्त सलाहकारों को निर्देश दिया गया था— "आपदा में अवसर खोजो।"
और इसीलिए स्मार्ट वैक्सीन का वितरण जारी रहा

जिसका असर आज भी कायम है,
और जो हर दिन
समाज को नए सिरे से संक्रमित कर रही है।


पढ़ लिख के


पढ़ लिख के
हमने किया क्या है?
कभी खुद को
तो कभी सबको गधा कहा है

जो जानते हैं
वे दुखी हैं
जो अनजान है
खुश ही दिखा है



कठघरे में चिड़िया


एक नाबालिग चिड़िया
उड़ान का संतुलन सीख रही थी।
उसकी आँखों में
बस आसमान की ऊँचाइयाँ थीं।

तभी
उड़ान पर अपना एकाधिकार समझने वाले
बीस-बाईस गिद्ध
उस पर टूट पड़े,
और नोच डाला
उसका पूरा आकाश


सादर समर्पित
सादर वंदन


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