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सोमवार, 27 अप्रैल 2026

4725 ...नई मंजिलें राह देखतीं, रस्ते कुछ नव बुला रहे हैं

 सादर अभिवादन



नूतन रचनाएँ




कलीं कलीं वनफसा फूलीं ,
उँण्या कुण्याँ सँतराज खिल्याँ 
मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा
डाँडी-काँठी फुल्यारी सज्याँ 

बाट किनार बसींगा फूलीं छन
रौली-खौली काली जीरी फूलीं 
चल दगड़्यों म्याल खैयोला
बण की डाली फलूण झूलीं





ऋतु आने पर बीज पनपते 
भीतर कोई चेता देता,
शुभ संकल्प बीज के सम ही 
सही समय पर ही फल देता!

नई मंजिलें राह देखतीं, 
रस्ते कुछ नव बुला रहे हैं





हम चल तो लेते इठला के मगर 
कोई धरती फूलों वाली न हुई 

फ़िज़ाएँ इत्र सी महकती तो रहीं 
बस हवा ही मेहर वाली न हुई 




एएसएल ने चश्मा उतारकर मेज पर रखा. उनकी नज़रें सीधे वकील भट्ट से मिलीं. 
"देखिए, मिस्टर भट्ट, मैनेजमेंट ने इस अदालत का वक्त बर्बाद किया है. 
80% प्रोसेस लॉस का तर्क और यह सिंगापुर ट्रांजैक्शन—'मेलाफाइड इंटेंशन'
 (Mala fide intention) साफ दिखाई देता है. यदि गवाह जवाब नहीं देना चाहता है 
तो मैं समझूंगा कि पूछा गया तथ्य सही है.”

“नहीं हुजूर, जिरह जारी रखिए.” मनोज भट्ट ने कहा और अपनी सीट पर बैठ गया. आगे की जिरह में जीएम ने दो करोड़ के ट्रांजैक्शन को ही नहीं पूरी ‘डिजिटल ट्रांजैक्शन ऑडिट रिपोर्ट’ को सही स्वीकार कर लिया.

एएसएल ने प्रबंधन साक्ष्य बंद (Close) करके आदेश दिया, 
"यूनियन अपनी साक्ष्य के शपथ पत्र सोमवार तक हर हालत में पेश करे. 
अगले मंगलवार 30 अप्रैल 2019 को सुबह 11 बजे यूनियन अपने गवाह हाजिर रखे 
और प्रबंधन उनसे जिरह के लिए तैयार रहे.




मैं बस खड़ी सोचती रही, उस पल की गिरह में,
क्यों जाना है उसे, जब लौट कर फिर आना था।

शाम की उस धुंध में, कुछ सवाल रह गए यूँ ही,
हर जुदाई में छुपा जैसे मिलने का बहाना था।

सादर समर्पित
सादर वंदन

2 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    नई मंजिलें राह देखतीं
    आइए आप भी
    वंदन

    जवाब देंहटाएं
  2. सुप्रभात! सराहनीय रचनाओं की खबर देता अंक, आभार!

    जवाब देंहटाएं

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