निवेदन।


फ़ॉलोअर

गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

1964 ...''मदर इंडिया'' बनाम ''दिस लैंड इज माईन''

सादर अभिवादन
भूल ही गए थे
पर याद आया कि
रवीन्द्र भाई 15 तक 
अवकाश पर हैं 

चलिए रचनाएँ देखते हैं


ग्रह - नक्षत्र, धरा,रवि, चाँद 
पादप, पशु, नदिया, चट्टान,  
पवन डोलती तूफ़ां उठते 
सृष्टि पूर्ण मानव अनजान !





ह्रदय मुहाने की ज़मीं रहती है सदा
बालुओं से भरी, ज्वार-भाटा
आते जाते रहे, ज़िन्दगी
को यूँ ही दूर से
समुद्र हम
दिखाते
रहे,





ऊँचे पर्वत मौन खड़े, 
जग में सीना तान 
इनसे नदिया नीर बहे, 
उदगम के स्थान





यूँ तो, गैरों की सुनता हूँ,
अनुभव, चुनता हूँ,
अनुभूतियाँ, शब्दों को देकर,
कविता बुनता हूँ!
पर समझ सका न, इस भ्रम को,
बुनता रहा, इक अधेरबुन,
चुन पाया ना, यथार्थ,


जब नर्गिस को पता चला कि दिलीप कुमार उनके बेटे का
रोल कर रहे हैं 
तो उन्होंने इतनी बड़ी उपलब्धि को भी
यह कहते हुए साफ़ इंकार कर दिया कि 
''मैं पर्दे पर जिनके साथ रोमांस कर चुकी, 
उनके साथ माँ-बेटे जैसा रिश्ता निभाना मुझे कतई मंजूर नहीं। 
अगर दिलीप कुमार बिरजू का रोल करते हैं तो 
मैं इस फिल्म में काम नहीं कर पाऊंगी।'' 
.....
बस
कल आएगी सखी श्वेता
सादर


7 टिप्‍पणियां:

  1. सस्नेहाशीष असीम शुभकामनाओं के संग छोटी बहना
    सराहनीय संकलन

    जवाब देंहटाएं
  2. शुभ प्रभात, पंचदल कमल सा खिल रहा है आज का अंक ! आभार !

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत बढ़ियां प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  4. विविध रचनाओं से सुसज्जित पांच लिंकों का आनंद हमेशा की तरह मुग्ध करता है, सुन्दर संकलन व प्रस्तुति, मुझे स्थान देने हेतु हार्दिक आभार - - नमन सह।

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...