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शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

910....हिन्दी सीखिये रोज कुछ लिखिये गुरु जी ने वर्षों पहले एक मन्त्र दिया है


सादर नमस्कार
"उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाये।"
"ब्रह्मांड की सारी शक्तियाँ पहले से हमारी हैं वो हम ही है जो आँखों पर हाथ रखकर रोते है कि कितना अँधेरा है।"
"खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।"
"शारीरिक,बौद्धिक और आध्यात्मिक रुप से जो भी कमज़ोर 
बनाता है ,उसे ज़हर की तरह त्याग दो।"

उपर्युक्त ओजपूर्ण उक्तियाँ,जीवन के प्रति सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित करती हैं ऐसी ही अनगिनत सूक्तियाँ  करोड़ो युवाओं के आदर्श 

12 जनवरी 1863 - 4 जुलाई 1902
स्वामी विवेकानंद जी 
 इनके द्वारा कही गयी हैं। आज स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन है। जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है। एक युवा संन्यासी के रुप में  अपने देश की मिट्टी और संस्कृति की सुगंध विदेशों में बिखरेने वाले  अद्भुत व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद इतिहास ,दर्शन और साहित्य के प्रकांड विद्वान थे। बंगला और अंग्रेज़ी में उन्होंने अनेक प्रेरक रचनाएँ सृजित की हैं। उनके द्वारा लिखी गयी अंग्रेज़ी की एक रचना के हिंदी अनुवादित अंश-
न द्वि, न बहु ,केवल एक ,
मुझ में सब ,सब में हूँ मैं ;
घृणा कर सकूँ, न ही रोध,
स्व से सर्वमय, हूँ केवल प्रेम
 जागृत भ्रम से, मुक्त बंध से,
भय न कर, यह रहस्य,
छाया मेरी डरा सके न,
जानो शाश्वत मैं हूँ वह

आज हम राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहे हैं। राष्ट्र का उज्जवल भविष्य  ज़िम्मेदार,होनहार कंधों पर रखना चाहते हैं जो देश का नाम विश्वपटल स्वर्णाक्षरों में लिखें । पर क़लम फेंककर हथियार पकड़ आतंक का हाथ थामने वाले छात्र मन्नान बानी ने बहुत गंभीर प्रश्न खड़े कर दिये है।

अब चलिए आज की रचनाएँ पढ़ते हैं-
●●●●●●
विवेकानंद जी की जीवन से जुड़े कुछ प्रेरक प्रसंग 
सखी दिव्या जी की सराहनीय प्रस्तुति
औरत विवेकानंद के चरणों में गिर गयी और बोली की आप साक्षात् ईश्वर के रूप है ।इसे कहते है पुरुष और ये होता है पुरुषार्थ एक सच्चा पुरुष सच्चा मर्द वो ही होता है जो हर नारी के प्रति अपने अन्दर मातृत्व की भावना उत्पन्न कर सके।
●●●●●●●●●
व्यक्तिवादी स्वार्थ से खिन्न मन से ऐसे बाणों के प्रहार अति आवश्यक है। बेहद लाजवाब रचना आदरणीय सतीश जी की बेबाक क़लम से

करें दंडवत महलों जाकर,बड़े महत्वाकांक्षी गीत !

खादी कुरता, गांधी टोपी,
में कितने दमदार बन गये  !
श्रद्धा और आस्था के बल 
मूर्खों के  सरदार बन गये !
वोट बटोरे झोली भर भर, 
देशभक्ति के बनें प्रतीक ! 
राष्ट्रप्रेम भावना बेंच कर,अरबपति बन जाएँ गीत !

●●●●●●●
जीवन के गूढ़ अर्थों को  गहन शाब्दिक मोती में गूँथ कर सुंदर माला बनाती आदरणीया रश्मिप्रभा जी
यदि शून्य में तुमने जीना सीख लिया
तो शून्य से बेहतर
कोई सहयात्री नहीं
कोई सच नहीं
कोई धर्म नहीं
कोई न्याय नहीं
कोई सुकून नहीं

●●●●●●●●
ममता की छाँव से बढ़कर भला और क्या सुख हो सकता है माँ शब्द के आगे सारे भाव फीके है आदरणीया मालती जी की कलम से 
घने पेड़ की छाया से भी
अधिक शीतल माँ का आँचल
कष्टों के निष्ठुर घाम में भी वह
ममता से ढक लेती है
सूखे बिस्तर पर पुत्र सुलाती
खुद गीले में सोती है
'माँ' तो बस माँ होती है।

●●●●●●●●
आदरणीया रितु जी की सकारात्मक भाव लिये प्रेरक रचना
मिट्टी का तन ,
मिट्टी का दिया
तन और दिया दोनों में
प्रकाश ही प्रकाश
प्रकाश जब रोशन करने लगा
संसार तब हुआ जीवन का उद्धार ।

●●●●●●●●●      

   आदरणीय अभिषेक शुक्ल जी की सुंदर रचना 
इतना मौन घोंटने पर भी 
आहें नहीं मिला करती हैं, 

आंख खुली चौराहे पाए 

हम भी थोड़े से घबराए 
लेकिन घबराने से सच है 

राहें नहीं मिला करती हैं।। 
●●●●●●●●●
और चलते-चलते उलूक टाईम्स के पन्ने से  आदरणीय सुशील सर 
फिर भी 
ना जाने क्यों 

ना हिन्दी ही 

आ पाती है 

ना 
समझ ही 
अपनी समझ 
को समझ 
पाती है 
●●●●●●●
हमारे नए कार्यक्रम 
एक क़दम आप.....एक क़दम हम
बन जाएँ हम-क़दम

का इस सप्ताह का बिषय है- 
"अलाव" 
आप अपनी रचनाऐं आगामी शनिवार (13 जनवरी 2018 ) 
शाम 5 बजे तक भेज सकते हैं। चुनी गयी 10 रचनाऐं आगामी सोमवारीय अंक (15 जनवरी 2018 ) में प्रकाशित होंगीं। 
इस विषय पर सम्पूर्ण जानकारी हेतु हमारा पिछले गुरुवारीय अंक 
(11 जनवरी 2018 ) देखें या नीचे दिए लिंक को क्लिक करें -



909...एक क़दम आप.....एक क़दम हम बन जाएँ हम-क़दम


आज के लिए इतना ही
कल विभा दी से मिलिए मेला में 
आप सभी के बहुमूल्य सुझावों की प्रतीक्षा में



20 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    हमें तो आज पता चला कि आज जन्म दिन है
    स्वामी जी का...काफी अच्छी जानकारियों के साथ
    आज का ये अंक स्मरणीय बन गया है
    नमन स्वामी जी को
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. नमन विवेकानंद जी को
    युवाओं को शुभकामनाएं
    स्मरणीय संग्रहणीय प्रस्तुतीकरण

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर संकलन
    उम्दा रचनायें

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेहतरीन संकलन श्वेता जी ,स्वामी विवेकानंद प्रखंड विद्वान
    दार्शनिक ,उनके बारेमैं जितना कहा जाए उतना कम है
    स्वामी विवेकानंद जी को कोटि-कोटि नमन हम सभी युवाओं के प्रेरणास्रोत विवेकानंद जी

    उत्तर देंहटाएं
  5. मेहनत से तैयार की गयी एक बहुत सुन्दर प्रस्तुति में 'उलूक' के हिन्दी दिवस सूत्र को शामिल करने के लिये आभार श्वेता जी ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्रेरक और सारगर्भित पोस्ट विवेकानंद के विचार पढ़कर ऊर्जा मिली आभार

    उत्तर देंहटाएं
  7. सभी युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी को कोटि-कोटि नमन सुंंदर सारगर्भित शब्दों से लिंक का शुरुआत...
    उम्दा लिकों का चयन
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाइयां
    धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुंदर
    सभी चयनित रचनाकारों को शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  9. आज युवा दिवस और स्वामी जी का जनम दिवस अति सुंदर और पावन पर्व बधाई .🙏 ..
    सभी चयनित रचनाये अप्रतिम ..👌👌👌👌
    युवा दिवस पर अर्ज है ....
    कभी ना विचलित होना तुम
    अपणे अगामी निगम के पथ से
    निश्चय जानो अगला स्वर्णिम मोड़
    तुम्हारी ही कर रहा प्रतीक्षा !
    सुखद दिवस

    उत्तर देंहटाएं
  10. हमारे प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी को सादर नमन। राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में स्वामी जी का जन्म दिन हम हर वर्ष मनाते हैं। आदरणीया श्वेता जी ने बड़े कौशल के साथ प्रस्तुति को तैयार किया है। उन्हें बधाई।
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  11. युवा प्रेरणास्रोत विवेकानंद जी को नमन!
    बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  12. शुभ संध्या....
    बहुत ही शानदार अंक संयोजन
    ये कहिए अविस्मरणीय अंक
    आभार....
    आदर सहित

    उत्तर देंहटाएं
  13. शुभ संध्या.....
    बेहतरीन व यादगार प्रस्तुति...
    सादर.....

    उत्तर देंहटाएं
  14. स्वामी विवेकानंद जी को मेरा सादर नमन. आज आदरणीया श्वेता जी ने बहुत मेहनत के साथ प्रस्तुति बनाई है. बधाई श्वेता जी इस विशेष अंक के लिये. सभी रचनाएं एक से बढ़कर एक. इस अंक के लिये चुने गये रचनाकारों को बधाई . पांच लिंकों के नये कार्यक्रम के लिये उत्साहित हूँ.

    उत्तर देंहटाएं
  15. सुंदर और ओजपूर्ण प्रस्तुति.सादर

    उत्तर देंहटाएं
  16. शुभ संझा
    श्वेता सखी को आदाब...
    स्वामी जी को नमन
    रिमेम्बरेबल .....
    आनन्दित हुई मैं
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  17. बहुत सुन्दर संकलन , यादगार अंक

    उत्तर देंहटाएं
  18. लाजवाब प्रस्तुतिकरण उम्दा लिंक्स....
    लोहड़ी की शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं

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