पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

483....सोलह का फिर भी होते होते हो ही गया है

सादरअभिवादन

साल सोलहवाँ
जाते जाते अपना
चमत्कार पर
चमत्कार दिखाए जा रहा है
सीमा पर सर्जिकल स्ट्राईक

और सीमा के अन्दर भी
जिधर देखो
जिसकी सुनो
विषय एक ही है
500 और 1000
के नोट..
क्या करेगा आदमी
वहां तो लेजा सकता नहीं
जियो मोदी जी
देश बचाओ आन्दोलन सफल हो


















सोलह का फिर भी होते होते हो ही गया है...डॉ. सुशील जोशी

इस एक नवम्बर को
तीन बहनें सोलह की हो गई
झारखण्ड, उत्तराखण्ड और छत्तीसगढ़
शुभ कामनाएँ
आज्ञा दें यशोदा को

8 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर हलचल यशोदा जी। आभार 'उलूक' के सूत्र 'जन्म दिन राज्य का मना भी या नहीं भी ' को जगह दी ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतरीन लिंकों से सजी बुलेटिन ! यशोदा जी, आज के बुलेटिन में मेरी रचना को शामिल करने के लिए शुक्रिया।

    उत्तर देंहटाएं
  3. शुभप्रभात....
    सुंदर संकलन....

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दर हलचल प्रस्तुति ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर हलचल सुन्दर लिंकों के साथ

    उत्तर देंहटाएं
  6. छत्तीसगढ़ और झारखण्ड में नक्सलवाद और माओवाद का बोलबाला है और उत्तराखंड में खनन माफियाओं तथा घोटाला सम्राटों का. प्रान्त के स्थापना दिवस पर हम जश्न मनाएं या अपने सपने टूटने का मातम?

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...