पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

सोमवार, 15 फ़रवरी 2016

213...'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय'

सादर अभिवादन

 प्रेम दिवस कल निपट गया..
कुछ धरे गए रंगे हाथों
कुछ छूट भी गए
अपना रसूख दिखा कर..
पर कविताओं में आज भी
मन रहा है प्रेम दिवस..

देखिए कुछ इस तरह...


मैंने सुना है कि,
जब किसी को प्रेम होता है
घनघोर अँधेरे में भी
एक नाम 
उतर जाता है पलकों में , 
रोशनी बनकर
पथरीली जमीन से फूट पड़ता है
एक रुपहला निर्झर ।

विश्वविद्यालय 
देश के कहाँ होते हैं 
विश्व के होते हैं 
सिखाये हुऐ के 
हिसाब से होते हैं 
देशप्रेम छोड़िये 
बड़े प्रेम विश्वप्रेम 
पर चल रहे होते हैं 
पर कन्फ्यूजन 
भी होते हैं और 
अपनी जगह पर होते है 

दर्द की
टेढ़ी मेढ़ी इबारतें
वक्त के सीने पर
सुर्ख हर्फों में
हर रोज़ उकेरती हूँ !
एक बार तो तुम
मुड़ कर देखो
मैं किस तरह
हर रोज़
जी जी कर मरती

तुम मिले तो जिंदगी में रंग भर गए। 
तुम मिले तो जिंदगी के संग हो लिए। 
कबीर ने यूँ ही नहीं कहा कि 
'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय' . 
प्यार का न कोई धर्म होता है, 
न जाति, न उम्र, न देश और न काल। …


हर साख पर फुल खिले हैं, वसन्त का पदार्पण है 
भौंरें गुण गुना रहे हैं, पर मेरा मन उदास है |
फल-फूलों के खुशबू से, हवाएं सुवासित है 
चिड़ियाँ चहक रही है, पर मेरा मन उदास है | 


और ये है इस अंक की प्रथम कड़ी

देश प्रेम
सियासती ये लोग चंद, है इनपे धिक्कार ।
भारत में रहकर करे, पाक की जय जय कार ।।
पाक की जय जय कार, लगे विरोधी नारे ।
पुलिस महकमा शांत क्यों, देशद्रोही ये सारे ।।
हो उचित कार्रवाई जल्द, जेल में इनको डालो ।
देश रक्षा पर राजनीति, छोड़ सियासत वालो ।।


आज्ञा दें यशोदा को










4 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर सोमवारीय हलचल । आभार 'उलूक' का सूत्र 'देश प्रेम देश भक्ति और देश' को जगह देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभप्रभात...
    सुंदर लिंकों के साथ बड़िया हलचल...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत अच्छी सामयिक हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेहतरीन सूत्रों के साथ मेरी रचना 'दर्द की इबारतें' को सम्मिलित करने के लिये आपका आभार यशोदा जी ! सभी सूत्र बहुत सुंदर हैं !

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...