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शुक्रवार, 17 मई 2019

1400..ये रिश्ते होते हैं प्राण-वायु से इतर रंगीन, स्वादिष्ट, सुगन्धित

स्नेहिल नमस्कार
-----
आज विशेष है
अंक क्रमांंक चौदह सौ
इन पंक्तियों के लिखे जाते तक 
कुल पृष्ठ दृश्य 493 268
कुल फॉलोव्हर 214

ब्लॉगसेतु रेंकिंग में नम्बर 01
ये आँकड़े हासिल हुए हैं... 

आपके सहयोग और प्रेम की सदैव कामना
है।
हमारी टीम आप सभी पाठकों का 
हृदयतल से आभारी है।
अपना बहुमूल्य साथ बनाये रखें।

खेती जो हम जमीं से आसमां तक करते हैं
उपज में बहुमूल्य रत्न जग को रौशन करते हैं
एक दिन सूरज के बाजू में बैठे जगमगायेगे
नगीने जो आसमां में सितारे बन दमकते हैं

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मन का अवरोही विज्ञान

पर हाँ ... एक अंतर है
प्राण-वायु जैसे रिश्ते और प्राण-वायु में
ये रिश्ते होते हैं  प्राण-वायु से इतर
रंगीन, स्वादिष्ट, सुगन्धित और दृश्य भी
हर पल.. हर क्षण ... हर घड़ी..
तनिक ... मन की आँखों, मन की जिव्हा
और सरसों की फली-सी नर्म-नाजुक
मन की उँगलियों से टटोलकर ज़रा ...
★★★★★

एक प्रेमगीत-सात रंग का छाता बनकर

जब सारा
संसार हमारा
हाथ छोड़कर चल देता है,
तपते हुए
माथ पर तेरा
हाथ बहुत सम्बल देता है,
आँगन में
चाँदनी रात में,
चौरे पर दिया -बाती हो ।

★★★★★

एक खंजर सा उतरता
है किसी सीने में,

लम्हे - लम्हे में तड़पता
है कोई रातों को ।

यूँ तो तूफान ने
तोड़ा है बहुत कुछ मेरा,
मैंने छूने ना दिया
बस तेरी सौगातों को ।

★★★★★

नहीं चाहता वो मुझसे कुछ भी
केवल चाहता है संघनित करना
मेरी ख़्वाहिशों के बादल को
और भरना चाहता है 
मेरा दामन खुशियोंं से
पर तुम्हें ये भी मंजूर नहीं

★★★★★

अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस पर विशेष
दादा- दादी,नाना- माना को,
पहचानते  तक  नहीं  बच्चे।
चाचा- बुआ,मामा-मौसी को,
जानते   तक   नहीं    बच्चे।



वैसे   तो  सभी   रिश्तेदार ,
अब सबको होते  नहीं  हैं।
जिनको  ईश्वर ने  है  दिया ,
वे रिस्ते अब ढोते  नहीं  हैं।

★★★★★

नहीं भूलती वो माँ

इसी बीच माँ नाजाने क्यों मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अंदर अपने 
कमरे में  ले गई |उनका कमरा  सुरुचिपूर्ण  ढंग से सजा था|साफ- सुथरे बिस्तर के अलावा दवाई और पानी के साथ माँ की जरूरत 
की हर चीज वहां मौजूद थी | इस कमरे में भी उनके दिवंगत 
बेटे की एक और मुस्कुराती हुई तस्वीर  मेज पर उनके 
बिस्तर के बिलकुल सामने रखी थी |वह अचानक ना जाने 
किस रौ में तस्वीर  में अपने  दिवंगत बेटे के चेहरे को सहलाती हुई।
★★★★★★
आज का यह अंक आपको कैसा लगा?
कृपया अपनी बहुमूल्य
प्रतिक्रिया अवश्य
प्रेषित करें।
हमक़दम के विषय के लिए

यहाँ देखिये

कृपया कल का अंक पढ़ना न भूले
कल आ रही हैं विभा दी
अपनी विशेष प्रस्तुति के साथ।
★★★
#श्वेता सिन्हा


18 टिप्‍पणियां:

  1. आज का अंक स्पर्श कर गया संख्या 1400 को..
    ढेरों शुभकामनाएँ...और आज की प्रस्तुति भी बड़ी प्यारी है..साधुवाद...
    शुभ प्रभात..

    जवाब देंहटाएं
  2. Waah bahut hi behtareen links or sarahneey prastuti

    जवाब देंहटाएं
  3. ब्लॉगसेतु रेंकिंग में नम्बर एक और अंक1400...हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं💐💐 बहुत सुंदर प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  4. हमकदम को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
    यह यात्रा अनवरत उन्नति के सोपान चढ़ें।
    हम सब भाग्यशाली हैं कि हम इसके सदस्य
    हैं।आज का अंक हमेशा की तरह उत्तम है।सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  5. 1400 वाँ अंक की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं

    जवाब देंहटाएं
  6. हमकदम में मेरी रचना परिवार की परिभाषा को स्थान देने के लिए धन्यबाद।प्रस्तुति अति सुंदर है।सभी रचनाकारों की रचनाएँ काफी प्रभावशाली एवं सराहनीय हैं।बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  7. 1400 पर पहुँचने की बधाई और आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  8. हम खुद से भी खुद का पीठ थपथपा लें
    संग्रहनीय प्रस्तुतीकरण

    जवाब देंहटाएं
  9. सुप्रभात और सस्नेह प्रणाम सभी को। 1400का उत्साहवर्धक आँकडा और पढ़ने वालों की बढती संख्या पांच लिंको की लोकप्रियता प्रतीक है। रचनाकारों के लेखन को एक विशाल पाठक वृंद तक पहुंचाने मे इस मंच का अतुलनीय योग दान है। सभी चर्चकार बधाई और सराहना के पात्र है। सभी को आभार। आज के अंक में अपनी रचना को पाकर मन को अपार खुशी हुई। स स्नेह आभार प्रिय श्वेता। सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  10. बेहतरीन रचनाओं से सजी सुंदर प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  11. प्रभावशाली एवं सराहनीय सभी रचनाकारों को शुभकामनाएं !!

    जवाब देंहटाएं
  12. ब्लॉग सेतु रेंकिंग में अग्रिम बढ़ती बनी रहे शुभकामनाएं और बधाई हमे भी इस ब्लॉग का हिस्सा होने पर गर्व है
    बहुत अच्छी भुमिका के साथ सुंदर लिंकों का चयन। शानदार प्रस्तुति।
    रेणु बहन की प्रस्तुति ने एक विशेष छाप छोड़ी है।
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  13. ब्लॉगसेतु रेंकिंग में नम्बर एक और अंक1400 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं,सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ,वो आज के विशेष अंक के सहभागी बने ,इस लिंक से जुड़ना सौभाग्य हैं ,आगे भी ये कारवा यूँ ही चलता रहे यही कामना हैं। सब को सादर नमन

    जवाब देंहटाएं
  14. श्वेता बहन, आभार एवं 1400 वाँ अंक प्रस्तुत करने हेतु बधाई । पारवारिक कारणों से मुझे पुनः ब्लॉग पर सक्रिय होने में वक्त लग रहा है, आशा है कि आप सभी का सहयोग मिलता रहेगा । इस चर्चा में सम्मलित सभी रचनाकारों को बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  15. प्रिय श्वेता, आभारी तो हम लोग आपके और हलचल की पूरी टीम के हैं। अपने घर परिवार की जिम्मेदारियों को सँभालते हुए आप लोग साहित्य और हिंदी भाषा की जो सेवा कर रहे हैं, अपना कीमती समय देकर हमारी रचनाओं को वृहद पाठकवर्ग तक पहुँचा रहे हैं। वह काबिले तारीफ तो है ही। इस लगन और समर्पण को मेरा सलाम। 1400 वाँ अंक प्रस्तुत हुआ और ब्लॉग सेतु में भी पहले स्थान पर रहे, इन दोनों बातों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज का अंक, प्रस्तुति, शामिल रचनाएँ सभी बेहतरीन। मेरी रचना को संकलित करने हेतु सादर आभार।

    जवाब देंहटाएं
  16. कुल पृष्ठ दृश्य 493 268 , कुल फॉलोव्हर 214 , ब्लॉगसेतु रेंकिंग में नम्बर 01 और अंक 1400वाँ ....इन आँकड़ो के लिए हार्दिक बधाई और इसमें मेरी रचना को स्थान मिलना मेरे मन को एक आत्मसंतोष मिल रहा.... मन से साभार आपसबों का .....☺

    जवाब देंहटाएं
  17. आदरणीया स्वेता जी देर से आभार व्यक्त करने के लिए माफ़ी चाहता हूँ |आजकल मोबाईल से कमेंट्स नहीं हो पा रहा आज घर आकर लैपटॉप से आपका आभार व्यक्त कर रहा हूँ |सादर अभिवादन

    जवाब देंहटाएं
  18. यह देखकर खुशी हुई कि ब्लॉग लेखन की परम्परा को आप सबने आज भी कायम रखा है । दिन भर में विभिन्न ब्लॉगों में लिखी गई रचनाओं को पढ़कर उनका लिंक देना भी वाकई ब्लॉगिंग की दुनिया को आपके द्वारा दी जा रही मूल्यवान सेवा है । इस बार भी कई सराहनीय आपने दिए हैं । हार्दिक आभार ।

    जवाब देंहटाएं

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