पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

सोमवार, 18 जुलाई 2016

367..अंत में हमारी बारी हम औरत दोयम दर्जे की हैं

आनन्द ही आनन्द
हर्षित हूँ...पुलकित भी हूँ 'पाँच लिंको का आनन्द' ने
तीन बार साल पूर्ण होने की खुशियाँ मनाई
शुभकामनाएँ बटोरी
सच तो ये है कि वर्ष पूरा हुआ रथयात्रा के दिन

प्रस्तुति के अंकों के आधार पर

कल शनिवार 362 वे दिन 365 वाँ अंक प्रकाशित हुआ
आदरणीय विभा दीदी ने भी इस ब्लॉग का
जन्म दिन मनाया...

और दिनांक के हिसाब से आज वर्ष का 364 वाँ दिन है
सो आज 'पाँच लिंकों का आनन्द' की
364 वें दिन की प्रस्तुति पर एक नज़र..

नये साल आना ही है तुझको 
मुझसे बुलाया नहीं जा रहा है..डॉ. सुशील जोशी
लिखना भी 
चाह कर 
नहीं लिखा 
जा रहा है 
नये साल में 
नया एक 
करिश्मा 
दिखे कुछ 
कहीं पर 
सोचना चाह
कर भी 
नहीं सोच 
पा रहा है 
साल के 
अंतिम दिन
'उलूक' 





इक खूबसूरत शाम...सुषमा वर्मा
इक खूबसूरत शाम...
तुम्हारे साथ इक कप कॉफ़ी, 
जगजीत जी की वही गजल..."बात निकलेगी तो दूर तलक जायेगी"...कुछ ना कह कर भी इक-दूसरे को देख कर मुस्कराती हमारी आँखे....





याद दे कर न तू गया होता....कैलाश शर्मा 
ज़िंदगी कट रही बिना तेरे,
याद दे कर न तू गया होता। 

नींद से टूटता नहीं नाता,
खाब तेरा न गर पला होता।




हाँ..हम.. काश्मीर हैं.....श्याम कोरी 'उदय'
क्यों .... क्यों करें ... हम शर्म ?
जाओ ... नहीं करना
तुम्हें ... जो सोचना है सोचो ...
जो करना है करो
जो कर सकते हो .. वो करो ..




उत्सव.. ओंकार केडिया
आज सुबह बारिश हुई -
मूसलाधार बारिश,
भर गए सब खड्डे-नाले,
घुस गया पानी घरों में,
छिप गईं सड़कें,पगडंडियाँ,
रुक गया जैसे जीवन.



हर कदम पर
ज़िन्दगी मुझसे
और मैं भी
ज़िन्दगी से
सवाल पूछ्तें हैं
इन सवालों के
जवाब तलाशती
जिन्दगी मुझे चाय सी ही लगती है
जिस रंग में हो
जिस रूप में हो मुझे बहुत भाती है


काश...मैं भी वास्कोडिगामा हो जाऊं 
एक नितांत छोटे से भूखंड का
फिर भले ही वो हो मेरी कब्र
जहां का मैं ही होऊं 'पहला' बाशिंदा
काश..

क्या तुम जानते हो ,
लिखने में
जो स्याही
लगती है,
वह कहाँ से आती है !

और अंत में हमारी बारी
हम औरत
दोयम दर्जे की हैं

बाहर कितनी भी उछल-कूद कर लें
घर के अन्दर हम अपनी
दोयम वाली खाल पहन लेती हैं
बकौल मंजू दीदी
कितना कड़ुआ सच


आज्ञा दें यशोदा को..
कल मिलेंगे भाई कुलदीप जी
नए वर्ष का पहले अंक के साथ
सादर...

8 टिप्‍पणियां:

  1. सुप्रभात दीदी
    सादर प्रणाम
    बहुत खुबसूरत हलचल की प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति । हलचल को उसके जन्मदिन के लिये ढेर सारी शुभकामनाएं। बिना नागा लगातार प्रस्तुति के लिये सभी चर्चाकारों की मेहनत और लगन के लिये साधुवाद और दिल से आभार 'उलूक' का उसके अखबार की एक पुरानी प्रस्तुति को सम्म्मान देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खुबसूरत और उम्दा :)
    पाँच लिंको का आनन्द के जन्मदिन के लिये ढेर सारी शुभकामनाएं ये सभी चर्चाकारों की मेहनत का फल है तो हम इस मुकाम तक पहुंचे ।

    आभार
    संजय भास्कर

    उत्तर देंहटाएं
  4. 'पाँच लिंकों का आनन्द' की 364 वें दिन की सुन्दर प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत उम्दा लिंक्स...हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  6. आज काफी देर बाद...
    आया हूं... आनंद आ गया....

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...