उलझन …प्रोफ़ेसर गोपेश मोहन जसवाल
पारिवारिक पंचायत और मित्रों की सभा से मशवरा करने के बाद मैंने घर के खतावारों पर मानहानि का मुक़द्दमा दायर करने का इरादा छोड़ दिया है और अब इसके बदले मैंने भगवान् जी पर -
'बाल-हानि' का मुक़द्दमा दायर करने का फैसला लिया है.
बन्दे दिवाकर,सिरजे संसार…विश्व मोहन
अहर्निशं
अज अविनाश,
शाश्वत, सनातन
सृजन इतिहास।
बंद होके लिफाफे में,घर आ जाया तो करो.... डॉ.ज़फ़र

वकत का ये मरहम, हर जख्म भर ही देता है ,
मेरे सिवा कही दिल लगाया तो करो .
बंद होके लिफाफे में, घर आ जाया तो करो .......
हम हरपल हैं खोए…..अनुराधा चौहान

जीने न देंगी
ज़माने की रुसवाई
मरने न देगा
तेरा प्यार हरजाई
चाहते हो तुम भी मुझको
मैं यह जानतीं हूँ
यादों में मेरी तुम भी
हरपल हो खोए
चलते-चलते एक नज़र "उलूक टाइम्स" के हस्तक्षेप की
कवि की पहचान हो कर बदनाम हो जाना.. ..डॉ.सुशील कुमार जोशी
चोर के मुँह
चोर चोर कहकर
नहीं लिपट पाता हूँ
डरना भी
बहुत जरूरी है
सरदारों से भी
और उनके
गिरोहों से भी
हम-क़दम के पैंतालीसवें क़दम का विषय विवरण
..............
चोर के मुँह
चोर चोर कहकर
नहीं लिपट पाता हूँ
डरना भी
बहुत जरूरी है
सरदारों से भी
और उनके
गिरोहों से भी
हम-क़दम के पैंतालीसवें क़दम का विषय विवरण
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रवीन्द्र सिंह यादव


