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गुरुवार, 15 नवंबर 2018

1217.....अटकी हो साँस जब कैसी याद पानी की....

सादर अभिवादन। 

हवा राजधानी की 
आती याद नानी की 
अटकी हो साँस जब 
कैसी याद पानी की। 

आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-


उलझन …प्रोफ़ेसर गोपेश मोहन जसवाल 


मेरी फ़ोटो

पारिवारिक पंचायत और मित्रों की सभा से मशवरा करने के बाद मैंने घर के खतावारों पर मानहानि का मुक़द्दमा दायर करने का इरादा छोड़ दिया है और अब इसके बदले मैंने भगवान् जी पर -
'बाल-हानि' का मुक़द्दमा दायर करने का फैसला लिया है.



बन्दे दिवाकर,सिरजे संसार…विश्व मोहन 


My photo
अहर्निशं
अज अविनाश,
शाश्वत, सनातन
सृजन इतिहास।


बंद होके लिफाफे में,घर जाया तो करो.... डॉ.ज़फ़र


वकत का ये मरहमहर जख्म भर ही देता है ,
मेरे सिवा  कही दिल लगाया तो करो .

बंद होके लिफाफे मेंघर जाया तो करो .......


हम हरपल हैं खोए…..अनुराधा चौहान 



जीने देंगी

ज़माने की रुसवा

मरने देगा

तेरा प्यार हरजाई

चाहते हो तुम भी मुझको

मैं यह जानतीं हूँ

यादों में मेरी तुम भी

हरपल हो खोए





चलते-चलते एक नज़र "उलूक टाइम्स" के हस्तक्षेप की  

कवि की पहचान हो कर बदनाम हो जाना.. ..डॉ.सुशील कुमार जोशी 



चोर के मुँह
चोर चोर कहकर 
नहीं लिपट पाता हूँ 

डरना भी 
बहुत जरूरी है 
सरदारों से भी 
और उनके 
गिरोहों से भी 



हम-क़दम के पैंतालीसवें क़दम का विषय विवरण
..............
  

आज के लिये बस इतना ही 
मिलेंगे फिर अगले गुरूवार। 
शुक्रवारीय प्रस्तुति- आदरणीया श्वेता सिन्हा जी 

रवीन्द्र सिंह यादव 

 

11 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन प्रस्तुति....
    आभार..
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  2. वाह,
    लाज़वाब संकलन ,

    प्यार मारने नही देगा
    जमाने की रुसवाई मारने नही देगी
    क्या खूब कहाँ अनुराधा जी ने।

    सभी बेहतरीन हैं यू तो,
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    आभार

    जवाब देंहटाएं
  3. सुन्दर गुरुवारीय हलचल प्रस्तुति। आभार रवींद्र जी 'उलूक' के गधे को भी जगह देने के लिये।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत ही सुंदर रचनाओं से सजा सुंदर अंक।
    छोटी पर मनभावन भुमिका ।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर प्रस्तुति शानदार रचनाएं सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका आभार रवीन्द्र जी

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  7. सार्थक भूमिका, सुंदर संकलन।

    जवाब देंहटाएं

  8. बहुत सुंदर प्रस्तुति शानदार रचनाएं 👌

    जवाब देंहटाएं
  9. सारगर्भित भूमिका के साथ बहुत ही उम्दा रचनाओं का शानदार संकलन है आज के अंक में रवींद्र जी।
    सुंदर संयोजन के लिए बधाई आपको और सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  10. शानदार प्रस्तुतिकरण उम्दा लिंक संकलन...

    जवाब देंहटाएं

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