निवेदन।


फ़ॉलोअर

1551 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
1551 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

1551..अपनी समझ से जो जैसा समझ ले जाये पर दीपावली जरूर मनाये

सादर अभिवादन
व्यवधान एक आया था
संदेह था कि प्रस्तुति बनेगी या नहीं
पर, उड़ गया संदेह हवा में
चलिए चलें लिंक की ओर..


प्यार ...कामिनी सिन्हा

"प्यार" शब्द तो एक है लेकिन इसके रूप अनेक है माँ बाप से प्यार ,भाई बहन का प्यार, पति- पत्नी का प्यार, दोस्तों का प्यार, प्रेमी- प्रेमिका का प्यार और भगवान- भक्त का प्यार। ये सब तो प्यार के ही रूप है लेकिन देखा ये जाता है कि इन सारे प्यार के रूपों में सब से ज्यादा चर्चे सिर्फ दो रूपों की होती हैं। उनके ही किस्से कहानियाँ  हमेशा से सुनने को मिलते आ रहे हैं।



पंछी घोसले नहीं बनाते
अब इस पेड़ पर 
तो क्या हुआ 
छाव में बैठते तो है ,


याद रहे कभी इसे
घमंड में न बदल देना
नहीं तो सर शर्म से झुक जाएगा
कर्तव्य ही छुप जाएगा
केवल अधिकार की चाहत
कभी पूरी न हो पाएगी


धवल ज्योत्सना पूर्णिमा की 
अंबर रजत चुनर ओढ, मुखरित
डाल-डाल चढ़ चंद्रिका  डोलत
पात - पात पर  रमत  चंदनिया
तारक दल  सुशोभित  दमकत



ये जमीन जहरीली हो चुकी है
यहां से कहीं और बसने कि तैयारी करो

हवाओ से बाते करना पुराना हो चुका है
इस दौर में तूफानों पर सवारी करो

टहनी पर
बैठा ‘उलूक’
दूर शहर
में कहीं लगी
हुई आग
और रोशनी
के फर्क
को समझने
के लिये
दीपासन
लगाया हुआ
नजर आये

जैसा भी है
मनाना है
आईये दीप
जलायें
दीप पर्व
धूम धड़ाके
धूऐं से ही
सही मनायें ।

अब बस...
तिरानबेवाँ विषय
विषय
दिवाली
उदाहरण...
आई दिवाली फिर से आई
शुरू हो गई साफ सफाई
आई दिवाली आई !

साफ सफाई सीमित घर तक,
रस्तों पर कचरे का जमघट,
बाजारों की फीकी रौनक,
मिली नहीं है अब तक बोनस,
कैसे बने मिठाई !
आई दिवाली आई !

अंतिम तिथि- 19 अक्टूबर 2019
शाम तीन बजे तक
ब्लॉग सम्पर्क फार्म काम नहीं कर रहा है

कृपया मेल करें..
yashodadigvijay4@gmail.com
पर..
कृपया आलस त्यागें




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...