सादर अभिवादन।
बरसात का मौसम
मख़मली एहसासात का मौसम
ख़ुशनुमा बयार की सौग़ात का मौसम
आपदा-विपदा की बात का मौसम
मौसमी बीमारियों की बरसात का मौसम।
आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलते हैं -
मख़मली एहसासात का मौसम
ख़ुशनुमा बयार की सौग़ात का मौसम
आपदा-विपदा की बात का मौसम
मौसमी बीमारियों की बरसात का मौसम।
आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलते हैं -
फासले ऐसे नदारद हुए जिन्दगी से
खुशनुमा-खुशनुमा हर पल आज है
जबसे आए हो इस वीरां ज़िन्दगी में
तब से सारा शहर लगता आबाद है,

कम्फर्ट जोन से बाहर
अथाह परेशानियाँ
मगर असीम संभावनाएँ
अनेक पराजय
मगर स्व-अनुभव
अबूझ डगर
मगर रंगीन मौसम
जहां से तुझे यूँ जुदा करके देखा
तू पत्थर था तुझको खुदा करके देखा !
ये अहसास था, या थी कोई हकीकत
चमकते सितारों को पाने की चाहत !
यही चाह मेरी, मेरा जुर्म है अब !
यही राह मेरी, मेरा जुर्म है अब !

इश्क़ के बारे में कुछ मत पूछ ये ही जान ले
इश्क़ जिस पत्थर को छू ले वो खुदा बन जायेगा
तोड़ने वाले मेरा दिल, सोच ले पहले जरा
दिल नहीं है कोई बूत जो दूसरा बन जायेगा
बे-परवाही शौक है या हो आदत
कर देती स्वाभिमान को आहत
अनवधान इतने तो नहीं नादान
कैसे बना जा सकता था आखत
चलते-चलते उलूक टाइम्स की ख़ास प्रस्तुति पर एक नज़र.....
पोस्टमैन को फिर से कभी घर पर बुलवायें चिट्ठे छोड़ें चिट्ठियाँ पढ़े और पढ़वायें....डॉ.सुशील कुमार जोशी

बिना
निशान लगाये
दरवाजों को भी
कभी कभी
खटखटायें
हम-क़दम के चौतीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए..
🌹
आज बस यहीं तक।
फिर मिलेंगे अगले गुरूवार।
शुक्रवारीय प्रस्तुति - आदरणीया श्वेता सिन्हा
रवीन्द्र सिंह यादव
हम-क़दम के चौतीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए..
🌹
आज बस यहीं तक।
फिर मिलेंगे अगले गुरूवार।
शुक्रवारीय प्रस्तुति - आदरणीया श्वेता सिन्हा
रवीन्द्र सिंह यादव


