सादर अभिवादन।
केरल में बरसाती पानी
अब ढलान पर
मानवता के आयाम
तीर-कमान पर
दुष्प्रचार के तंत्र
सातवें आसमान पर
मानवता ले रही पुरसुकून की साँस
करती है नमन उस सैनिक को
जो पानी में सीढ़ी बना
बच्चों ने भावों का दरिया बहाया
तोड़कर गुल्लक सहायता के लिये हाथ बढ़ाया
संतोष है भारत को आज
भविष्य की ऐसी पीढ़ी बना।
-रवीन्द्र सिंह यादव
आइये अब आपको ले चलते हैं आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर-
केरल में बरसाती पानी
अब ढलान पर
मानवता के आयाम
तीर-कमान पर
दुष्प्रचार के तंत्र
सातवें आसमान पर
मानवता ले रही पुरसुकून की साँस
करती है नमन उस सैनिक को
जो पानी में सीढ़ी बना
बच्चों ने भावों का दरिया बहाया
तोड़कर गुल्लक सहायता के लिये हाथ बढ़ाया
संतोष है भारत को आज
भविष्य की ऐसी पीढ़ी बना।
-रवीन्द्र सिंह यादव
आइये अब आपको ले चलते हैं आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर-

पूरब की बहना को, कब तक मनाऊंगा ,
दक्षिण की रानी को, कैसे रिझाऊंगा ।
इनका निदान चलो, खोजा तो, खुद को मैं ,
इटली की आंधी से, कैसे बचाऊंगा ।
समझ नहीं पाता हूँ, गीत नहीं गाता हूँ ।।
सृष्टि चिर निरुपम....पम्मी सिंह "तृप्ति"
सृष्टि चिर निरुपम
अंतर्मन सा अनमोल भ्रमण
आत्मा का न संस्करण
किंजल्क स्वर्ण सरजीत
समस्त भाव
दिव्यपुंज दिव्यपान
प्रज्ञा का भाव
गुँजायमान,
उम्र भर - -- शांतनु सान्याल

तंतु से कसो जितना, सीने के कुछ
अदृश्य अनल हैं चिरकालीन,
सुलगते नहीं उम्र भर।
इस जीवन
उत्सव
का,
अहसास .. डॉ.इन्दिरा गुप्ता

हर लम्हा पहलू से गुजरे
धीरे से सहलाये
आहट की ख्वाहिश सी जागे
दस्तक कोई दे जाये !
देवदूत बन आये हैं........अमित निश्छल
आसमान से जीवन को
सहयोग बाँटते धीर रथी
महाप्रलय की बाधा पर भी
स्यंदन, हाँक रहे महारथी
जीवन का सच...... अनुराधा चौहान
वो क्यों आया
तू क्यों गया
हम क्यों जाएं
बस इन बातों से
आपस में टकराएं
इसने नहीं देखा
उसने नहीं देखा
हमने नहीं देखा
फिर भी खिच गई
बीच में लक्ष्मण रेखा
चलते-चलते प्रस्तुत हैं आदरणीय हर्ष वर्धन जोग साहब के
मनोहारी फोटो-ब्लॉग की झलकियाँ-
मनोहारी फोटो-ब्लॉग की झलकियाँ-
मानसून के बादल .... हर्ष वर्धन जोग
ऐसा देखा गया है की बादलों की छटा और घटा नाज़ुक दिलों को बड़ा प्रभावित करती है और बरसात में तरह तरह की कविताओं, गीतों और कहानियों का भी जनम होने लगता है. कविता और गीत लिखने तो बड़े मुश्किल लगते हैं इसलिए फिलहाल मानसून पर हमारा ये फोटो ब्लॉग पेश है. भारत दर्शन के दौरान जगह जगह बादलों को कैमरे में बंद किया था उन में से कुछ को यहाँ बाहर निकाल दिया है:
हम-क़दम के तेतीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए...........
आज बस यहीं तक
फिर मिलेंगे अगले गुरूवार।
कल शुक्रवारीय प्रस्तुति के साथ आ रहीं हैं आदरणीया श्वेता सिन्हा जी।
रवीन्द्र सिंह यादव


