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सोमवार, 3 जुलाई 2017

717.. #हिन्दी_ब्लॉगिंग ...पाठकों की पसंद.... आज के पाठिका हैं श्वेता सिन्हा

सादर अभिवादन
आज ऊट-पटांग दिन पाठकों की पसंद...?
पर मौके का फायदा हर कोई उठा ले 
ये सहज नहीं है....भाई ध्रुव सिंह ने 
सूचना दी है कि वे आज नहीं रहेंगे...
मैंनें आज का दिन इस अंक के लिए चुन लिया
और ये रही उनकी पसंदीदा रचनाएँ

एक पागल भी मोहब्बत में सोचता होगा 
मेरे महबूब के ज़ुल्फों में अदाएँ होंगी

अब उस पार ही हम सब का फैसला होगा 
जैसा  किरदार है वैसी ही सज़ाएँ होंगी

मृत हुई जो तेरी इच्छा 
प्राण फूँकता, नवल हूँ 
भरता हूँ,चेतना की लहरें 
प्रेरणा एक, सबल हूँ
हाँ, मैं मन हूँ....... 

उस डाली खग ढूंढे बसेरा,
चैन जहाँ पर हो जरा सा,
छाँव प्रीत का तो मिलता हर डाली पर!
रैन बसेरा तो रमता, इस डाली भी! उस डाली भी!


नुमाइश करिए.....मीना शर्मा
यहाँ गुनाहे - मोहब्बत की सजा उम्रकैद है,
दूर रहने की इस गुनाह से कोशिश करिए ।

जिंदगी की अदालत फैसले बदलती नहीं,
अब कहीं और रिहाई की गुजारिश करिए।।


मन पाए विश्राम जहाँ.....अनीता
वरदानों को शाप मानकर
रहा खोजता द्वार सुखों का,
राह ताकता भटका राही
प्रियतम उर से कहीं निकट था !

चलते-चलते...तीन रचनाएँ और....


अगर भीग जाने की चाहत नहीं है....नीरज गोस्वामी
नहीं है अरे ये बग़ावत नहीं है 
मुझे सर झुकाने की आदत नहीं है 

छुपाये हुए हैं वही लोग खंजर 
जो कहते किसी से अदावत नहीं है 



कैसे कह दूं ... दिगम्बर नासवा
सुलगते ख्वाब...कुनमुनाती धूप में लहराता आँचल ...तल की गहराइयों में हिलोरें लेती प्रेम की सरगम...सतरंगी मौसम के साथ साँसों में घुलती मोंगरे की गंध...क्या यही सब प्रेम के गहरे रिश्ते की पहचान है ...या इनसे भी कुछ इतर ...कोई जंगली गुलाब ...

चिट्ठों की दुनियाँ ... डॉ. सुशील जोशी

‘उलूक’ 
अपनी 
लिखी 
किताब 
खुद पढ़ना 
यहाँ के 
अलावा 
कहीं 
और नहीं
सिखाया 
जाता है ।




:: पाठिका परिचय ::
आज के पाठिका हैं श्वेता सिन्हा और उन्हीं की कलम कह रही है..
मैं, श्वेता सिन्हा ,
लिखना मेरे लिए ईश्वर की साधना जैसा है। मैं प्रकृति प्रेमी  बेहद संवेदनशील और  मननशील हूँ 
"कुछ कही अनकही बातें मन के समन्दर में लहरें बन भावनाओं को उद्वेलित करती रहती है, भावों को मथने से जो मोती निकले उन्हें शब्द देकर रचनाओं के माध्यम से गूँथने का प्रयास किया है मैंने"  

जन्म मिला मानव तन का ,
इसे व्यर्थ न तुम होने देना ,
प्रज्जवलित कर्म के दीप करो,
रौशन हो जाए जीवन की राह,
जग मेले में नाम न खोने देना। 

सादर.....
#हिन्दी_ब्लॉगिंग








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