
यथायोग्य सभी को
प्रणामाशीष
हमारे घर में ... यानि मैके और ससुराल में
आज रात्रि में ... सोने जाने से पहले
एक दीया घर के बाहर कूड़े के ढ़ेर पर जलाया जाता है
पहले कूड़े का ढ़ेर को खाद बना दिया जाता था
कूड़े का ढ़ेर भी महत्वपूर्ण है



फिर मिलेंगे ... तब तक के लिए
आखरी सलाम
विभा रानी श्रीवास्तव
