सुप्रभात
नमस्कार
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते.
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║ •||जय माता दी||• ║
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आइए अब चलते है
आज की लिंको की ओर .....
आज सुबह कुछ नयी सी लगी,या यूँ कहूँ की वही कुछ दिल में छिपे एहसासों को लिये,नई सी लगी..मन में इक अनजानी सी ख़ुशी,जैसे मन की ख्वाब में परियों से मुलाकात हुई हो,वही ख़ुशी जब तुमसे पहली बार मिली थी,वही गुदगुदी सी जब तुमने पहली बार मेरे हाथों को अपने हाथों में लिया था...जब से जगी हूँ बस इन्तजार में हूँ कि कि तुम किसी बहाने से मेरी तरफ देखो,और मेरी आँखों में वही चमक देख कर बोलोगे..कि क्या आज कुछ खास है...
लाड़ प्यार से जाई बेटियां
क्यों होती है परायी बेटियां ??
बचपन के खेल खिलौने
मीठी बातों की लड़ियाँ
छोड़ जाती हैं आँगन मे बेटियां
क्यों होती है परायी बेटियां ??
आरक्षण
बचपन से आज तक
एक ही शब्द सुना आरक्षण
हर वर्ग चाहता आरक्षण
क्या सभी लाभ ले पाते हैं ?
चन्द लोग ही लाभ उठाते हैं
आरक्षण के लाभ गिनाते हैं
सच्चे चाहने वाले
देखते रह जाते हैं
बहुत चाहता हूँ मैं तुम्हें,
ख़ुद से भी ज़्यादा,
कोई फ़िल्मी डायलाग नहीं है यह,
हकीक़त है,
जैसे किस्से कहानियों में
राजा की जान तोते में होती थी,
मेरी तुममें है.
सब कहते हैं
कि तुम्हारे लिए मेरा प्यार
उनकी समझ से परे है,
माँ-बाबु जी का
गलतियों पे डाँटना,
उदासी का कारण पूछ
दुःख बाँटना है।
अच्छा लगता है..
2
दोपहर को खाने का
मिसकॉल आना,
देर रात घर पहुँचने पे
बीबी का रूठ जाना।
अच्छा लगता है..
सोचती हूँ
सहेज दूँ ज़िन्दगी की बची अलमारी में
पूरी ज़िन्दगी का बही खाता
बता दूँ
कहाँ क्या रखा है
किस खाने में कौन सा कीमती सामान है
मेरे अन्दर के पर्स में कुछ रूपये हैं
जो खर्च करने के लिए नहीं हैं
लिफाफों में हैं
जब 56 इंची सीनों ने
गोलियाँ रायफलों से दागीं
दहशतगर्दों के अब्बू भागे
और अम्मी खौफ से काँपीं
ये तो सिर्फ नमूना था
अभी असल तो है बाकी...
धोखेबाजी और कायरता
जिन दुष्टों के गहने थे
गीदड़ बनकर ढेर हुए
जो खाल शेर की पहने थे
अब दिजिए
इजाजत
सादर

