सादर नमस्कार
दीपावली,
गोवर्धन पूजा,
अन्नकूट
आज है
*******
पढ़िए कुछ पसंदीदा रचनाएं
जिस देश में परंपराओं में पूजा पाठ में "विटामिन सी के सम्राट" हैं। पूरी दुनिया में एंटी ऑक्सीडेंट को जब कोई जानता नहीं था" उस एंटी ऑक्सीडेंट और एंटीएजिंग के सम्राट आंवले की हमारे देश भारतवर्ष में पूजा की जाती थी और आंवले को खाना परंपरा माना जाता था, जो आजतक बदस्तूर जारी है। अक्षय नवमी पर आंवले के पेड़ की पूजा कर उसी के नीचे भोजन करने का विधान है। आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करना शुभ माना जाता है। आंवले की लकड़ी को कुएं में लगाया जाता हो ताकि जो पानी आए, वह भी एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर आए।
यूं ही खेलते-कूदते, लड़ते-झगड़ते
क्योंकि वे भलीभांति जानते हैं हरवर्ष
यही है अपने नसीब का दीवाली उपहार!
देवतन का लड़ुअन कय आसा
अम्मा माँगें खील-बतासा
लड़िके चुटपुटिया का लोटयँ
पापा झूरय दिययँ दिलासा
मम्मी का सब बइठे घेर
मर मजदूरी कै अकाल हय
मनरेगव अबकी बेहाल हय
एक दिहाड़ी दुइ मजूर पर
रिक्सा टेम्पू केयू न पूछय
हय गरीब कय ढेरम ढेर
किन्हीं सबल क्षणों का नाम देव
और दुर्बल क्षणों का नाम असुर रखकर
मानव ने मुक्ति पा ली !
जब मन स्वस्थ है, सजग है
आशान्वित है
देव है हमारे साथ !
यकीन हो न तो कान्हा की बांसुरी सुन लो
तमाम रंग सुरों के अधर में मिलते हैं
संवर के आना ये महफ़िल बड़े अदीबों की
लिबास सादा पहनके वो घर में मिलते हैं
आज के लिए बस




