निवेदन।


फ़ॉलोअर

बुधवार, 13 मई 2026

4741..यादों की राख गर्म है..

।।भोर वंदन।।

 "एक किरण आई छाई,

दुनिया में ज्योति निराली

रंगी सुनहरे रंग में

पत्ती-पत्ती डाली डाली !

एक किरण आई लाई,

पूरब में सुखद सवेरा

हुई दिशाएं लाल

लाल हो गया धरा का घेरा !

~ सोहनलाल द्विवेदी  

  आज की पेशकश में शामिल रचनाए ✍️

शाख़-ए-वजूद

कुछ इस तरह फुसफुसाती है हवा,
शायद कोई ग़ज़ल सुनाती है हवा।

सुकून फिर भला कैसे नसीब हो,
ज़ख्मों को रोज़ छेड़ जाती है हवा।

यादों की राख अब भी गर्म है कहीं,
धीरे-धीरे फिर सुलगाती है हवा।

✨️

अमेरिकी जादूगर के नीले जादू की क़ैद में

हिमाचल..!!

दुनिया भर के लोगों को अपने श्वेत-बर्फीले हुस्न, आकाश छूते चीड़-देवदार और प्रकृति के हरियाली भरे श्रृंगार से अपनी ओर खींचने वाला हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक अमेरिकी जादूगर के नीले जादू के मोहपाश में बंधा हुआ है। आमतौर पर जादूगर वैसे तो काला जादू करते हैं लेकिन इस विदेशी..

✨️

बोझिल मन !

अगाध होते हैं रिश्ते दिलों के,

इक ज़माना था जो हम गाते,

तय पथ था और सफ़र अटल,

उम्मीदों पे कब तक ठहर पाते।..

✨️

विषय

विषयों की तलाश में 

भटकता हुआ 

किसी कोने में 

कहीं अटकता हुआ 

बेसुध सा मन 

यहाँ-वहाँ ..

✨️

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह 'तृप्‍ति'..✍️

5 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    कुछ इस तरह फुसफुसाती है हवा,
    शायद कोई ग़ज़ल सुनाती है हवा।
    सुकून फिर भला कैसे नसीब हो,
    ज़ख्मों को रोज़ छेड़ जाती है हवा।
    सुंदर अक
    वंदन

    जवाब देंहटाएं
  2. jugaali.blogspot.com की रचनाओं को अपने इस लोकप्रिय मंच पर स्थान देने के लिए आपका आभार🙏

    जवाब देंहटाएं
  3. jugaali.blogspot.com की रचनाओं को अपने इस लोकप्रिय मंच पर स्थान देने के लिए आपका आभार🙏

    जवाब देंहटाएं
  4. सुप्रभात! सुंदर प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...