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बुधवार, 2 सितंबर 2026

4853..बदली हर परिभाषा

।।प्रातःवंदन।।

"सूर्य एक सत्य है

जिसे झुठलाया नहीं जा सकता !

मगर ओस भी तो एक सच्चाई है ;

यह बात अलग है कि ओस क्षणिक है

क्यों न मैं क्षण क्षण को जिऊँ ?

कण-कण मेँ बिखरे सौन्दर्य को पिऊँ ?"

अटल बिहारी वाजपेयी

हर सुबह एक नई शुरुआत ही है...तो बढते है नए लिंको के साथ..✍️

 "फीका लागे साजन तोरे बिना सोलहो सिंगार

हे बयार तनी दे आवा खबरिया परदेशिया के 

झुलसे विरहा तपन में शरीरिया हाल हिया के ।

महावर, मेंहदी, चूड़ी, बिंदिया, कुंडल कंठहार 

फीका लागे साजन तोरे बिना सोलहो सिंगार 

कबले जोगाईं हया संकोच में हियवा के बात 

साँझे भिनुसहरे रास्ता निरखीं बीते नाहीं रात 

चित्त धीर नाहीं उचट गई निंदिया अँखिया के ..

✨️

कुत्ते की राखी…कीमत सुनकर आप चौंक जाएंगे!

Pet Rakhi

हाल ही में कृति सेनन से जुड़े एक राखी विज्ञापन को लेकर खूब विवाद हुआ। विज्ञापन में कृति के कपड़ों से लेकर उसके कथित सांस्कृतिक संदेश तक पर बहस हुई और आखिरकार विज्ञापन वापस लेना पड़ा। लेकिन इस पूरे विवाद में पालतू..

✨️

तुम बिन नैहर छूटा पापा....

सारे उत्सव फीके तुम बिन,

मन के कोष भी रीते तुम बिन

नेह के बंधन टूट गए सब 

बदली हर परिभाषा 

तुम बिन नैहर छूटा पापा

तुमसे हर विश्वास जुड़ा था,

जीवन का उल्लास जुड़ा था,

तुम से थी रौनक उस घर की ..

✨️

कुछ बताना

 कुछ बताना तो कुछ छुपाना पड़ता है

रिश्ता तो हर हाल में निभाना पड़ता है।

ये सियासत के खेल बड़े ही अजीब हैं

ख़ुद ही लगाकर आग बुझाना पड़ता है।

✨️

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह ' तृप्‍ति '...✍️

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