सादर अभिवादन।
मंगल और चाँद पर पहुँच गये हम,
जल,धरा,नभ, अंतरिक्ष में छाए हम,
थोड़ा और फैलाएँ सोच का दायरा,
ख़ुद से पूछें अब कहाँ पहुँच गये हम ?
जल,धरा,नभ, अंतरिक्ष में छाए हम,
थोड़ा और फैलाएँ सोच का दायरा,
ख़ुद से पूछें अब कहाँ पहुँच गये हम ?
-रवीन्द्र
आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें -

हैं बैग में पर जेब में पैसे नहीं
नौजवाँ फ़ाँके करेगा क्या करेगी चांदनी
जो बचा था खून वो तो सब सियासत पी गई
खुदकुशी खटमल करेगा क्या करेगी चांदनी

आदमी रेशम के कीड़े से
ज़्यादा लार टपकाता है,
पर न जाने क्यों
मरते हमेशा दूसरे ही हैं,
वह ख़ुद साफ़ बच जाता है.

जानता है सारी चाहते पूरी
नही होती ज़िन्दगी में
सारे हालातों से समझौते करता है,
समझौतों की फिराक में कभी
उबल ही जाता है
मन ही तो है,

धरती तथा अन्य ग्रहों की सूर्य से दूरी का जो अनुमान उन्होंने लगाया था वह आधुनिक विज्ञान से मेल खाता है. इसी प्रकार जड़ी-बूटियों का ज्ञान उन्हें प्रयोगशाला में जाकर नहीं मन की शक्ति से ही हो जाता था. जब संसार का रचियता स्वयं मानव के इस मन में बैठा है तो भला यह सम्भव भी क्यों न होता.
आज आपके लिए प्रस्तुत है - दैनिक भास्कर DB स्टार भोपाल, मंगलवार, 30-07-2019 travel में प्रकाशित यात्रा वृत्तांत "काठमांडू की वादियों में बिताए सुकून के पल"


मुस्लिम महिलाओं की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा रहा है कि अब उनकी स्थिति मजबूत होगी किन्तु अगर हम विधेयक की गहराई में जाते हैं तो साफ तौर पर पाते हैं कि ये मजबूती मुस्लिम विवाह को बुरी तरह से हिला देगी क्योंकि विपक्ष का विरोध जिस मुद्दे को लेकर था वह अब भी जस का तस है.
. विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को आपराधिक कृत्य बनाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इस प्रथा को उच्चतम न्यायालय ‘शून्य एवं अमान्य’ करार दे चुका है।