स्नेहिल अभिवादन
सर्दियाँ पिघल रही हैं मौसम में
बसंती बयार की
बसंती बयार की
सुगबुगाहट शुरु हो चुकी है
जाफ़रान बिखरा हवाओं में
धरा को पियरी पहना गया
उतरकर आम की फुनगी से
सुमनों का मन बहका गया
तितली भँवरें गाये नेह के छंद
सखि रे वसंत फिर आ गया
चलिए आज की रचनाएँ पढ़ते हैं-
★★★★
आदरणीय सतीश सर
सोंचा था मदद करूँ तेरी
इस लिए उठाया हाथों में ,
आश्रय , छाया देने, मैंने
ही तुम्हें लगाया सीने से !
क्या पता मुझे ये प्यार तेरा,
मनहूस रहेगा, जीवन में ,
अनबुझी प्यास निर्दोष रक्त
से कहाँ बुझे अमराई में !
आदरणीया वंदना गुप्ता जी
इन्द्रियों पर नहीं होता जहाँ नियंत्रण
मल मूत्र विसर्जन स्वाभाविक प्रक्रिया सा
जहाँ होता है बिस्तर में ही संपन्न
यूँ शिशुवत हो गया उसका सब व्यवहार
लगता है जैसे उसने भी
ले लिया है जन्म दोबारा एक ही जन्म में
★★★★★
आदरणीया प्रीति सुराना जी
न खुद में जिजीविषा
न फिर बनने या बिगड़ने की संभावना
फिर भी
अपनों की संतुष्टि के लिए
अपनों के ही निर्णय पर
अपनों की ही स्वीकृति से
कृत्रिम साँसों के माध्यम से (वेंटिलेटर पर)
जीवन को बिना किसी संभावना के
रोके रखना,..!
★★★★★
आदरणीय रवींद्र जी
पत्थर होते खंड-खंड
महीन से महीनतर
फिर महीनतम होती
चूरा-चूरा गिट्टी
मज़दूरों की साँसों के रास्ते
फेफड़ों में जमा हो रही है
फेफड़ों में जमा हो रही है
और दौलत.....
तथाकथित नेता की
तिजोरियों में!
अगले चुनाव तक
★★★★★
आदरणीया सुमन जी
किसी भी वृक्ष पर
फैली हुई अमरबेल
धीरे-धीरे उस वृक्ष का
सारा रस चूसकर
उसके जीवन को ही
लील लेती है !
आदरणीय डॉ. कौशलेन्द्रम जी
हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता डॉक्टर दागी को अनिवार्य सेवानिवृत्त किये जाने के संदर्भ में “मूलभूत नियम छप्पन के नियम दो (क)” की प्रासंगिकता को स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे । महाधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को संदेश भिजवाया कि चुनाव सिर पर है और यह निर्णय उनके विरुद्ध जा सकता है । विचार-विमर्श के बाद न्यायाधीश ने सरकार को एक अभ्यावेदन समिति बनाकर डॉक्टर दागी के प्रकरण पर पुनर्विचार करने का आदेश परित किया । अभ्यावेदन समिति में सचिव स्तर के उच्चाधिकारियों को सम्मिलित किया गया जिन्हें हर स्थिति में साठ दिन के अंदर अपने निर्णय से हाईकोर्ट को अवगत कराना था ।
★
सुनिये मेरी एक पसंदीदा ग़ज़ल
आज जगजीत सिंह का
जन्मदिन है-
★★★
आज जगजीत सिंह का
जन्मदिन है-
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बहुमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहती है।
हमक़दम के विषय के लिए
कल का अंक पढ़ना न भूलें
कल आ रही हैं
विभा दी विशेष प्रस्तुति के साथ।






