निवेदन।


फ़ॉलोअर

1153 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
1153 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 12 सितंबर 2018

1153..शब्दों के श्रृंगार से जो सजती संवरती है..


।।प्रातः वंदन।।
शब्दों के श्रृंगार से जो सजती संवरती है
जिसे सीखने को देवों को भी अभिलाषा है,

देवनागरी सी अन्य कहीं कोई लिपि नहीं

राष्ट्र भाषा हिन्दी सी दूजी न कोई भाषा है।।



हिन्दी भाषा के समृद्धि में भागीदारी करनेवाले आज के रचनाकारों के नाम है..✍
🍃
आदरणीया कुसुम कोठारी जी



प्रकृति लिये खड़ी कितने उपहार

चाहो तो समेट लो अपनी झोली में

अंखियों की पलकों में

दिल की कोर में ,साँसों की सरगम में

देखो उषा की सुनहरी लाली
कितनी मन भावन ,
उगता सूरज ,ओस की शीतलता...

🍃

अनुराधा चौहान जी की रचना
..

एहसासों की

डोर बांध कर

अरमानों को

दिल में सजा कर

मैं आई तेरे संग सजना
अपने बाबुल
को छोड़कर
माँ के आंगन...
🍃


ब्लॉग बिहारी धमाका से..



सांस्कृतिक संस्था 'लेख्य मंजूषा' की पत्रिका 'साहित्यिक स्पंदन' का लोकार्पण भव्य समारोह के 
बीच दिनांक 8.9.2018 को दिल्ली में इंस्टीट्यूशन आॅफ इंजीनियर्स के सभागार में संपन्न हुआ..

🍃



काजल कुमार के कार्टून 
जागो मुन्‍ना जागो...
🍃
समाधान से व्यंग्य..


कुछ दिनों से हमारी पड़ोसन सर जमीने पाक गर्भ से है, ये खबर तो आपको पता ही है।

गत कुछ दिनों से पाकिस्तान को दर्द की शिकायत बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए विदेश यात्रा 
पर गये हुए डाक्टर डोभाल से सम्पर्क किया गया है।..



🍃


अंत करती हूं आदरणीया अनिता जी की मधुर..

नभ से गिरती हुई जल धाराएँ
जिनमें छुपा है एक संगीत
जाने किस लोक से आती हैं
धरा को तृप्त कर माटी को कोख से
नव अंकुर जगाती हैं..
🍃
हम-क़दम का छत्तीसवाँ क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए...........


🍃
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह..














                                  

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...