।।शुभ सवेरा।।
🇮🇳🙏🇮🇳
पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है।
15 अगस्त की भोर आज तो धाता,धरती , धरनीधर भी मदिर हुई..
लोग एक दूसरे को देशभक्ति के गीत ,शुभकामनाएँ के साथ मैसेज भेज रहे है।
15 अगस्त 1947 एक ऐसी सुबह जिसकी एक आँख बटवारे पर रोई तो
दूजा बेड़ियों के टूटने पर मुस्कराई थी..पर भारत को अपनी रक्षा हेतु विभाजन
स्वीकार करना ही था।देश आजादी के 71बसंत देख चुका है। स्वाधीनता की अक्षुण्णता अधिकार के
साथ कर्तव्य में ही समाहित है..
साथ कर्तव्य में ही समाहित है..
तो फिर ज्यादा समय न लेते हुए
स्वाधीनता दिवस की भोर में ..रूबरू होते हैं..✍
🇮🇳
जब मेरे हाथों में
मेहंदी लगी थी
कर सोलह श्रृंगार
दुल्हन बनी थी
बारात लेकर आए थे
तुम मेरे अंगना
खिड़की से छुप कर
तुमको ताकना
🇮🇳
आदरणीय विश्वमोहन जी की बोलती कलम..
जा पिया , तू जा समर में,
आतंकियों के गह्वर में.
प्रलय का उत्पात मचा दे.
छोड़, मेरे आंसुओं मे क्या रखा है?
आज वतन की माटी में हैं सिरफिरे फिर
उतर आये,
भारत-माता के वसन को, देख कहीं वो
कुतर न जाये
लगे चिर में चीर इससे पहले उनको चीर दो,
छिन्नमस्तिके, रौद्र-तांडव मचा, बचा कश्मीर लो,
लगे माटी लाल, शत्रु-शोणित
🇮🇳
आदरणीय विश्वमोहन जी की बोलती कलम..
जा पिया , तू जा समर में,
आतंकियों के गह्वर में.
प्रलय का उत्पात मचा दे.
छोड़, मेरे आंसुओं मे क्या रखा है?
आज वतन की माटी में हैं सिरफिरे फिर
उतर आये,
भारत-माता के वसन को, देख कहीं वो
कुतर न जाये
लगे चिर में चीर इससे पहले उनको चीर दो,
छिन्नमस्तिके, रौद्र-तांडव मचा, बचा कश्मीर लो,
लगे माटी लाल, शत्रु-शोणित
🇮🇳
जब स्कूल में पढ़ते थे तो कभी-कभार बच्चों को फ़िल्म भी दिखाई जाती थी. 'मुल्क' ऐसी ही फ़िल्म है
जो अगर स्कूल न दिखाए तो आप अपने बच्चों के साथ जाएँ क्योंकि उन तक इसकी सोच और
गहराई का पहुँचना बेहद जरुरी है..
जो अगर स्कूल न दिखाए तो आप अपने बच्चों के साथ जाएँ क्योंकि उन तक इसकी सोच और
गहराई का पहुँचना बेहद जरुरी है..
🇮🇳
उसकी बात बात होती है,
मेरी बात गधे की लात।
लग जाये तो ठीक है वरना,
उसकी नहीं कोई बिसात।
मैं जब तक प्रश्न समझ पाता हूँ,
वह उत्तर दे देती है।
मैं जब तक विषय में उतराता हूँ,
🇮🇳
सीमाएं हों सुरक्षित, राहें हों बाधा-रहित,
बनें निर्भीक हम, हों सदा निर्विकार,
प्रगति के पथ पर सबका हो अधिकार,
मुक्त सांसों में स्वच्छंद हों विचार,
क्लेश मिटे सबके मन से,
ऐसा हो स्वतंत्र भावों का संचार.....
लहराकर ये तिरंगा, कर रही है यही
🇮🇳
हर सीमा तुम अब तो पार करो।
सुनो ऐ सरहद के वीर जवानों
खुलकर अब तुम तो वार करो।
निकालो अब शमशीर जवानों
दुश्मनों का जमकर संहार करो।
आतंकी का सीना चीर जवानों
हृदय पर उनके तुम प्रहार करो।
🇮🇳
हम-क़दम के बत्तीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए...........
आप सभी को आजादी के जश्न के साथ आज यहीं तक ..
कल फिर नई लिंकों के साथ।
हम-क़दम के बत्तीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए...........
आप सभी को आजादी के जश्न के साथ आज यहीं तक ..
कल फिर नई लिंकों के साथ।
स्वतंत्र भारत चिरंजीवी हो..
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह..✍





