सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष

मिले चाह रहे थे... मांग नहीं रहे थे...
आड़े आ रहा था नाक और झूठा
घमंड
फलों का ठेला सड़क पर ही छोड़ कर उन्होंने दूसरे ठेले वालों को बुलाया
और सभी ने मिलकर चोरों को दबोच लिया। दबोचने से पहले
शहीद के पिता ने 100 नंबर पर फोन मिला कर चोरों के बारे में
पुलिस को सूचना दी। इसी वजह से पुलिस भी मौके पर जल्दी पहुंच गई।
शफीक के पिता के कंधे पर एक चोर ने चाकू से वार किया।
घमंड
फलों का ठेला सड़क पर ही छोड़ कर उन्होंने दूसरे ठेले वालों को बुलाया
और सभी ने मिलकर चोरों को दबोच लिया। दबोचने से पहले
शहीद के पिता ने 100 नंबर पर फोन मिला कर चोरों के बारे में
पुलिस को सूचना दी। इसी वजह से पुलिस भी मौके पर जल्दी पहुंच गई।
शफीक के पिता के कंधे पर एक चोर ने चाकू से वार किया।

घमंड
शरीर से दुर्बल होने के कारण जब
उसे विपत्ति आती दिखी, तो ईश्वर का
नाम लेकर पहाड़ से नीचे कूद पड़ी
ईश्वर ने उसकी रक्षा की।
उसे जरा भी चोट न लगी
और प्रसन्नतापूर्वक घर चली गई।
घमंड
हम मोटापा घटाने के लिए जिम जाते हैं,
ये प्राकृतिक रूप से चुस्त-दुरस्त हैं |
हमारे ए.सी. की हवा में वो शीतलता नहीं,
जो यहाँ की शुद्ध प्राकृतिक हवा में है |
हमारे रिश्ते पैसे और फायदे से जुड़े रहते हैं,
इनके रिश्ते दिल से जुड़े हैं | धन्यवाद पापा,
मुझे यहाँ लाकर यह अहसास दिलाने के लिए
कि अमीरी धन-दौलत से नहीं आती,
ये तो बिना धन-दौलत के भी बहुत अमीर हैं |
दोहे
कविता के जबसे हुए अलग -अलग उपनाम ।
कवियों में छिड़ने लगा नित-नवीन संग्राम ।
अपने -अपने ज्ञान पर सबको घोर घमंड ।
मौक़ा पाकर दे रहे कवि इक दूजे को दंड ।

कवियों में छिड़ने लगा नित-नवीन संग्राम ।
अपने -अपने ज्ञान पर सबको घोर घमंड ।
मौक़ा पाकर दे रहे कवि इक दूजे को दंड ।
घी देखने मात्र से ही अच्छा लगता है
पर
तेल मुॅुह में डालने पर भी अच्छा नहीं लगता है।
संतो से झगड़ा भी अच्छा है
पर
दुष्टों से मेल-मिलाप मित्रता भी अच्छा नहीं है।
फिर मिलेंगे... जरा ठहरिये
हम-क़दम
सभी के लिए एक खुला मंच
आपका हम-क़दम नवें क़दम की ओर
इस सप्ताह का विषय है
:: परिक्रमा (फेरा) ::
उदाहरणः
क्या?
सुख दु:ख का
पाठ पढ़ा रही हो!
या व्यर्थ ही
चक्कर लगा रही हो!
कभी तो तुम
दो दिलों को
एक करने के लिये
अग्नि के फेरे लगा रही हो
कभी विरह व्यथा में जलते हुए
पिता का पुत्र से वियोग दिला रही हो
आप अपनी रचना शनिवार 10 मार्च 2018
शाम 5 बजे तक भेज सकते हैं।
चुनी गयी श्रेष्ठ रचनाऐं आगामी सोमवारीय अंक
12 मार्च 2018 को प्रकाशित की जाएगी ।
इस विषय पर सम्पूर्ण जानकारी हेतु हमारे पिछले गुरुवारीय अंक
11 जनवरी 2018 का अवलोकन करें
पर
तेल मुॅुह में डालने पर भी अच्छा नहीं लगता है।
संतो से झगड़ा भी अच्छा है
पर
दुष्टों से मेल-मिलाप मित्रता भी अच्छा नहीं है।
फिर मिलेंगे... जरा ठहरिये
हम-क़दम
सभी के लिए एक खुला मंच
आपका हम-क़दम नवें क़दम की ओर
इस सप्ताह का विषय है
:: परिक्रमा (फेरा) ::
उदाहरणः
क्या?
सुख दु:ख का
पाठ पढ़ा रही हो!
या व्यर्थ ही
चक्कर लगा रही हो!
कभी तो तुम
दो दिलों को
एक करने के लिये
अग्नि के फेरे लगा रही हो
कभी विरह व्यथा में जलते हुए
पिता का पुत्र से वियोग दिला रही हो
आप अपनी रचना शनिवार 10 मार्च 2018
शाम 5 बजे तक भेज सकते हैं।
चुनी गयी श्रेष्ठ रचनाऐं आगामी सोमवारीय अंक
12 मार्च 2018 को प्रकाशित की जाएगी ।
इस विषय पर सम्पूर्ण जानकारी हेतु हमारे पिछले गुरुवारीय अंक
11 जनवरी 2018 का अवलोकन करें