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बुधवार, 24 जनवरी 2018

922..तारीफ तो बनती है..


।।प्रातः भोर वंदन।।
🙏

आज जिंदगी का सार लिखते हैं..

तारीफ के चंद लफ्ज़ कई 

रिश्तों में ताजगी 

ला देती है ।बड़े हो या छोटे

 प्रंशसा,प्रोत्साहन व्यक्ति के मनोबल और मानसम्मान  का पुरस्कार है सो अब 

सराहना खुल कर करें ..

कभी - कभी ये चंद शब्द आत्मिक संतुष्टि

 के साथ - साथ जिंदगी भी बदल देती है...✍



अब रुख करतें हैं लिकों पे..




संजय ग्रोवर जी, की गज़ल...


माफ़िया एहतिराम करता है

तुम्हारा डर है माफ़िया की ख़ुशी

माफ़िया ऐसे काम करता है



पंकज भूषण पाठक "प्रियम" जी,की रचना..




शुरू हो गयी है फिर से अयोध्या की कहानी 

होगा कोर्ट में फैसला ,शुरू हो गयी जुबानी 

हे राम तेरे नाम साकेत हो रहा बदनाम 

तुझे तरस नही आती,क्यों नही तुम आजाते राम ।




किशोर चौधरी जी की रचना..


शैदा का अर्थ है जो किसी के प्रेम में डूबा हो.

सोचता हूँ कि मैं किसका शैदाई हूँ. सतरंगी तितलियों, बेदाग़ स्याह कुत्तों, चिट्टी बिल्लियों, भूरे तोतों, कलदुमी कबूतरों, गोरी गायों, चिकने गधों, ऊंचे घोड़ों, कसुम्बल ऊँटों से भरे इस संसार में कोई ऐसा न था, जिसके लिए जागना-सोना किया. पढने-लिखने में कोई तलब इस तरह की न थी जिसके बारे में बरसों या महीनों सोचा हो कि ऐसा हो सका तो वैसा करेंगे.

ज्योति खरे जी, की कलम से...



सफर से लौटकर 

आने की आहटों से

चोंक गए

बरगद, नीम, आम

महुओं का 

उड़ गया नशा 



रामबिलास गर्ग जी की रचना...

कलैक्टर साहब, आपने हमारी स्कूल खोलने के आवेदन को रद्द कर दिया ? भला क्यों ? -- 
आगंतुक ने ऑफिस में घुसते ही प्रश्न किया।

क्योंकि वो जमीन सरकार की है , और वहां बाजू में आपने जो गौशाला खोली हुई है 
वो जमीन भी सरकार की है। कलैक्टर ने जवाब दिया।



और अंत करती हूँ ..
दिगंबर नसवा जी की खूबसूरत कृति से..



तुम्हारा प्यार

जैसे पहाड़ों पे उतरी कुनमुनी धूप

झांकती तो थी मेरे आँगन  

पर मैं समझ न सका

वो प्यार की आंख-मिचोली है

या सुलगते सूरज से पिधलती सर्दियों की धूप..



नमस्कार के साथ आज यहीं तक कल फिर नई रचनाओं के साथ..

।।इति शम।।

धन्यवाद

पम्मी सिंह..✍


एक क़दम आप.....एक क़दम हम
बन जाएँ हम-क़दम का तीसरा क़दम 
इस सप्ताह का विषय
एक चित्र है...
इस चित्र को देखकर एक रचना लिखिए
यह चित्र देखकर आप पच्चीस विषयों में रचना लिखसकते हैंः
मसलनः तितली, फूल, मकरंद,पराग, मौसम, पत्ते, डाल, रंग
इत्यादि इत्यादि
आप अपनी रचनाऐं शनिवार (27  जनवरी 2018 ) 
शाम 5 बजे तक भेज सकते हैं। चुनी गयी श्रेष्ठ रचनाऐं आगामी सोमवारीय अंक (29 जनवरी 2018 ) में प्रकाशित होंगीं। 
इस विषय पर सम्पूर्ण जानकारी हेतु हमारा पिछले गुरुवारीय अंक 
(11 जनवरी 2018 ) को देखें  या नीचे दिए लिंक को क्लिक करें 




























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