सादर अभिवादन
फरवरी 2025 शुरु
मासोत्तम मास फरवरी ,तेरा स्वागत है
1 फरवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 32वां दिन है।
साल मे अभी और 333 दिन बाकी है
साल मे अभी और 333 दिन बाकी है
अमुक पंक्तिया पेशे ए खिदमत है
मुझे
सदा यह
भय लगा
रहता है
कि कहीं
ऊँची उड़ान
भरने हेतु
तुम्हारे पर
निकल आए और
मैं तुम्हें खो दूँ
रचनाएं देखें
सरसों की भीनी भीनी खुशबू संग
घर आंगन को महका रहीं।
मंद हवा संग सुनहरी किरणें
ओस से गीले खेतों की चमक बढ़ा रही।
कुछ पूछोगे तो कुछ नहीं बोलूँगा
तुम अपने रास्ते चलो
में अपनी राहे बनाता हूँ
थोड़ी देर हस खेल के
फिर अपने शहर चले जाता हूँ
आज लिए गए निर्णय
आज के ही संदर्भ में जाने चाहिए देखें
समय और काल बदलने से
अर्थ और ताकत दोनों बदल जाते हैं
ओ, प्रिय ऋतुराज! किन्तु धीरे से आना,
यह है शोक-स्थान यहाँ मत शोर मचाना।
वायु चले, पर मंद चाल से उसे चलाना,
दुःख की आहें संग उड़ा कर मत ले जाना।
संस्था शाइन इंडिया की सचिव डॉ संगीता गौड़ ने बताया कि, देहदान बहुत ही पुण्य का कार्य है,किंतु समाज में फैली भ्रांतियों का सही तरह से निवारण होने पर ही देहदान का कार्य आमजन में बढ़ सकता है । स्वयंसेवकों को अपने परिवार वालों से लेकर समाज के विभिन्न वर्गों तक लोगों को इस पुनीत कार्य हेतु आगे लाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अंगदान से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी स्वयंसेवकों को दीं।
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आज बस
वंदन
