नमस्कार
चेन्नई से खत आया है
देवी जी की बीमारी लौट आई है
छः मास की ज़िंदगी बताई
प्राण हलक में आ गए
अचानक ध्यान गया पत्र के
प्रेषण तिथि की ओर
छः मास भूल - भटक
आया और हमारी चिंता दूर कर गया
सीधे चलें रचनाओं की ओर
नाग पंचमी हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी के रूप में यह त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है और उन्हें दूध और धान के लावा से स्नान कराया जाता है। शास्त्रों में नागों को दूध पिलाने की नहीं बल्कि दूध से स्नान कराने को कहा गया है। इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है।
इस साल नाग पंचमी 09 अगस्त 2024 को मनाया गया
इसमें सियासत क्या हुई ! एक लोकल चैनल के साक्षात्कार में जब रामचेत जी से राहुल जी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें पहली बार देखा है। पोस्टरों में चेहरा देखा होने की वजह से पहचान गए ! उनके अनुसार वे बहुत ही नेकदिल, दयालु और सज्जन इंसान हैं ! वे अपने वादे के भी पक्के हैं ! मैं छोटी जाति का हूँ (उन्होंने अपनी जाति भी बताई ) आजतक किसी छोट-मोटे नेता तक ने कभी मेरी दूकान की तरफ रुख नहीं किया पर आज देश का इतना बड़ा नेता आ कर मेरे पास बैठा ! मेरे से बात की ! मेरा हाल-चाल जाना ! यह उनकी महानता है ! उनका बड़प्पन है ! मैं धन्य हो गया !
निभाने की खानापूर्ति तक नहीं सिमित,
संग लड़ने खपने वाला संग्राम है दोस्ती।
अनैच्छिक औपचारिकता का मुंडारा चहुँ ओर,
अडिग उसी मुंडारे का बाम है दोस्ती।
खेमों में बँटे लोग
जिन्हें पता नहीं
लक्ष्य का छोर
अंधाधुंध,अंधानुकरण,अंधों को
क्या फ़र्क पड़ता है
लक्ष्य है कौन?
जेंगऽ खेतिया में लहलाहे ला लागल फसल,
ओहिंगऽ करऽता मन उज्जर के हरिअर करे के।
हवा बन के आईल बा केहू बरखा के,
पर नईखे आईल केहू बन के बदरी सावन के।
आज बस
सादर



