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गुरुवार, 16 मार्च 2023

3699...सिकुड़ रहे हैं रिश्ते आज...

शीर्षक पंक्ति: आदरणीय अशरफ़ी लाल मिश्र जी की रचना से। 

सादर अभिवादन।

गुरुवारीय अंक में पाँच रचनाओं के लिंक्स के साथ हाज़िर हूँ।

आज राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस है।  

16 मार्च 1995 को पोलियो रोग से भारत को मुक्त करने हेतु राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान आरंभ हुआ था। विश्व स्वास्थ्य संगठन अब (27 मार्च 2014) भारत की पोलियो रोग से मुक्त देश घोषित कर चुका है। पल्स पोलियो अभियान जब स्वास्थ्य विभाग के भरोसे सफल न हो सका तब यह महती ज़िम्मेदारी शिक्षकों को दी गई जिसे भारत के स्तुत्य शिक्षकों ने सफल करके राहत की सांस ली। 

अपने बच्चों को समय पर टीके (वैक्सीन) अवश्य लगवाएँ। टीके शत-प्रतिशत कारगर नहीं होते बल्कि 60 से 70 प्रतिशत तक घातक रोगों से बचाव अवश्य करते हैं।      

आइए पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ-

सिकुड़ रहे हैं रिश्ते आज

सिकुड़  रहे  हैं  रिश्ते  आज,

छोटे कुटुम्ब की लहर आज।

राखी  में रहती सूनी  कलाई,

नाहीं   बहना   अपनी  आज।।

सौंदर्य एक बाग़ का

महका बाग़

छोटे छोटे पुष्पों से

कई रंगों के

 आतिश रंगी उजाला--

चाँद उतरता है नीम् शब, ज़र्द खिड़की के आसपास,
फ़रेब ए अब्र में ज़िंदगी ढूंढती है ख़ामोश सा किनार,

मनप्रिया

उस पल में ये सुनहरी भोर सी लड़की

मन में रहस्यमय मुस्कुरा देगी,

कहेगी, ओ! मन के ओटे पर झूमती,

घूंघर श्यामा बनसखी!

इच्छा के फूल 

मुझे याद है वो तुम्हारी इच्छा भरी आँखें और नीले पंखों वाली चिड़िया की शरारत. तुम्हें पता है, तुम्हारी इच्छा के वो बीज इस कदर उग आये हैं कि धरती का कोना कोना फूलों की ओढ़नी पहनकर इतरा रहा है. उस पहाड़ी पर अब भी हमारी ख़ामोशी की आवाज़ गूंजती है.

*****

फिर मिलेंगे। 

रवीन्द्र सिंह यादव 


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