शीर्षक पंक्ति: आदरणीया आशा लता सक्सेना जी की रचना से।
सादर अभिवादन।
कोविड-19 की चौथी लहर की चर्चा रफ़्तार पकड़ रही है। सावधानियों का
पालन कीजिए और अपने स्वास्थ्य का ख़याल रखिए।
गुरुवारीय अंक में पाँच रचनाओं के लिंक्स के साथ उपस्थित
हूँ-
आइए पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ-
कदम पीछे नहीं लौटाना
मन में दृढ संकल्प रखना
तुम्हारे लिए हम क्या कर सकते है
केवल प्रार्थना के अलावा।
वह जो बच्चा
मेरे मुहल्ले में
आइसक्रीम बेचता है,
उसका भी मन करता है
कि वह भी खाए
कभी कोई आइसक्रीम.
नए रचनाकारों के लिए आवश्यक जानकारी
सआदत हसन मंटो की ये पांच लघुकथाएं...इंसानियत के परखच्चे उड़ा देती हैं
सआदत हसन मंटो भारतीय
उपमहाद्वीप के महान उर्दू कहानीकार थे। उनकी कहानियां भारत-पाक विभाजन के दंश का
प्रामाणिक दस्तावेज हैं। बंटवारे के दर्द को बेहद गहराई से समझने, उसके संवेदनात्मक व मानवीय पहलू को बेहतरीन
रूप से प्रस्तुत करने का नाम है मंटो! मानवीय त्रासदी उनकी रचनाओं में बेहद शिद्दत
से उपस्थित हुआ है, इसीलिए वे दोनों
देशों में आज भी लोकप्रिय हैं।
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फिर मिलेंगे।
रवीन्द्र सिंह यादव