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सोमवार, 13 दिसंबर 2021

3231 ..बात जो है उसमें, बात वो यहां कहीं नहीं किसी में ..

सादर अभिवादन
जाता है तो जा
बहुतै सताया
2021 तैने हमको
वाकई तू तो 
20 से इक्कीसै निकला
आ रहा है अब
तीन दुआ लेकर नया साल
तेरी दुआओं का असर होगा 2022
रचनाएं देखिए..



रिपोर्ट के अनुसार भारत की 10% आबादी 57% नेशनल इनकम अपने पास रखे हुए है! यानी कि अगर जनसंख्या 50 करोड़ है तो मात्र 15 करोड़ लोग ही देश का 57% इनकम अपने पास रखते हैं! और वहीं दूसरी तरफ 50%आबादी के पास सिर्फ 10% के आसपास का धन ही है! रिपोर्ट के अनुसार भारत की 1% जनसंख्या 22% इनकम अपने पास रखती है! यानि कि 1/5 हिस्सा पूरी कमाई का 1% आबादी के पास है! वहीं बॉटम हॉफ के पास 13.1% हिस्सा है!



चंद सिक्कों की आस में
अनवरत चलते वो हाथ
आग उगलते सूरज को
ललकारते वो हाथ,
क्या देखा है तुमने
कभी उन हाथों को नजदीक से
जिन हाथों ने
थामा है हथौड़ा और छेनी।




अंतर-आत्मा से सदा, निकले सच्ची बात |
मिलावट है दिमाग में, करे घात-प्रतिघात ||
...
कड़े दन्त से जो भ्रमर, करे काष्ठ में छेद|
शतदल में कैदी बने, कैसा है यह भेद ||




प्रेम सभी मांग रहे हैं ,
देने वाला कोई नहीं

प्रेम शारीरिक नहीं है,
इसका नाता कहीं विश्रांति से है,
पिघलने से है,

पूरा मिट जाने से है।
देने में तुम
सम्राट हो जाते हो।
लेना बहुत तुच्छ अनुभव है
क्योंकि तुम भिखारी हो जाते हो।




चंद घड़ी जो पास हमारे  तंद्रा-नींद  तमस न घेरे,
पल-पल उसका सदा सँवारें अकर्मण्यता न डाले डेरे !

मन सपनों में ‘कोई’ जागा टूटे नहीं कभी वह धागा,
जिसमें कृष्ण पिरोए जग को तुलसी सहज विमल अनुरागा !




नीरोगी काया बने,फ़ास्ट फ़ूड का त्याग।
शरीर  में फुर्ती रहे , आलस   जाए  भाग।।
...
लोग मुझसे 
मेरी लिक्खी कविता मांगते हैं
पर सम्पादन ने कलम की मेरी
निब ही भोथरी कर दी
लिखती हूँ को वो मुई निब
कागज फाड़ते निकल जाती है
जानो-मानों किसी के 
आलेख का पोस्ट-मार्टम कर रही हो
पूरी उम्मीद है अगले सोमवार को
दीदी आ जाएगी
भाई कुलदीप जी भी लगभग
तैय्यार ही हैं..वे चंडीगढ़ जाकर
एक-दो खुराक और ले आएं
फिर समय मिलेगा
सादर
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