निवेदन।


फ़ॉलोअर

3037 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
3037 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 23 मई 2021

3037 ...एक से हो गए हैं अब सप्ताह के सारे दिन

सादर अभिवादन
औषधि भी और चाय भी
7 जड़ी बूटियों वाला आरोग्य कसायम काढ़ा  
ये एक खास आयुर्वेदिक काढ़ा होता है,
जिसमें गुडूची, शुण्ठी, भूम्यामलकी, यष्टिमधु, मरिच, 
पिप्पली और हरीतकी जड़ी बूटियां होती हैं.
इन सब को सम भाग लेकर खलबत्ते में कूट कर
एक चम्मच एक गिलास पानी में
एक कप बचते तक उबाल लें
हर मर्ज की एक दवा


अब आज की रचनाएँ...

जिस उपनाम को इंसान की सही शिनाख्त, उसकी सहूलियत के लिए, उसकी ठोस पहचान के लिए बनाया गया था ! समय के साथ उसी पर समाज को तोड़ने, उसे विभाजित करने, ऊँच-नीच में दरार डालने, जाति-वर्ग की दिवार खड़ी करने का आरोप लगने लग गया

एक से हो गए हैं
अब सप्ताह के सारे दिन,
कोरोना ने छीन लिया है
इतवार से उसका ताज.

सीने पर हिमालय-सा बोझ
ओढ़ाने लगता है अवसाद की चादर
आंसू धोने लगते हैं
सुख के निशानों को
तब
उठाने लगते हैं सिर अनेक प्रश्न -
जीना अब किसके लिए
जीना अब क्यों




मैं सबकुछ छोड़कर
तुम्हारी हर
खता भूलकर
एक नई शुरुआत करती मैं
पर
जब मैंने मुड़कर देखा
तुम तो जा चुके थे
मैं इंतजार करती रह गई
रोक लेना था मुझे...
यह सुनने के लिए



कुछ दर्द तो होगा पर हमेशा नहीं रहेगा
याद रखो तुम्हारे भीतर का प्यार
किसी के प्रति समर्पण वह अब भी तुम्हारे पास है
वह भी तुम्हें खोज रहा है
जिसे तुम्हारे प्यार की तलाश है।

मुस्कुराओ और फिर से  निकल जाओ
अपनी तलाश में।
......
गुडूची- गिलोय, शुण्ठी....सोंठ, भूम्यामलकी..... भूमि आंवला
यष्टिमधु ...मुलहठी,  मरिच...काली मिर्च 
पिप्पली ....फरपीपर, और हरीतकी....हरड़
....
अब बस
कल दीदी आएगी
सादर



Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...