निवेदन।


फ़ॉलोअर

1623 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
1623 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

1623...फ़ज़ाओं में दहशत की बू हो और आप प्यार की बातें करेंगे?

सादर अभिवादन। 
फ़ज़ाओं में 
दहशत की बू हो 
और आप 
प्यार की बातें करेंगे?
असीम वेदना से 
कराह उठी है मानवता 
और आप 
साज़िश मक्कारी हेतु 
मुलाक़ातें करेंगे ?

-रवीन्द्र सिंह यादव  

आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें- 


 

क्या बताऊँ बहू जी ! बड़ी लड़की सीमा, चार महीने पहले जिसका ब्याह किया था, ससुराल में सबसे लड़ झगड़ कर वापिस घर गयी है ! मैंने और उसके बापू ने उसे बहुत समझाया लेकिन वापिस जाने को तैयार ही नहीं है ! और पेट से है सो अलग
***** 

shashi purwar 

*जोगिनी गंध**पुस्तक समीक्षा/ डॉ. शैलेंद्र दुबे**कवयित्री के शब्दों में संवेदनाएं जोगन ही तो हैं जो नित नए भावों के द्वार विचरण करती हैं. भावों के सुंदर फूलों की गंध में दीवानगी होती है, जो मदहोश करके मन को सुगंधित कर देती है. साहित्य के अतल सागर में अनगिनत मोती हैं...
 *****




नवोदय साहित्यिक एंव सांस्कृतिक मंच, साउथ सिटी, लखनऊ ने आज 22-12-2019 को, गुलमोहर ग्रीन स्कूल, ओमैक्स सिटी, शहीद पद, रायबरेली, लखनऊ के आडीटोरियम मेंआचार्य ओम नीरव की अध्यक्षता में *नवोदित* कवियों को "राम कुमार सरोज 'अर्जुन सागर' सम्मान" से कु आयुषी पाल,ध्रुव सिंह 'एकलव्य', प्रान्जुल अष्ठाना, संजीत सिंह 'यश', कु सौम्य मिश्र 'अनुश्री', अरुण कुमार वशिष्ठ, सुरेश कुमार राजवंशी, संदीप अनुरागी, श्रीमती पायल भारती, अम्बरीष मिश्र, संजय समर्थ एवंम कु श्वेता को सम्मानित किया गया।
***** 


 
जिस शगल में आपका मिसाल है कायम
हमने वहाँ कभी महारत नहीं माँगी

इस मुल्क के हैं, हर नफ़स देता है शुक्रिया
हमने  कोई हुकुमत--विलायत नहीं  माँगी 
*****



अगर

कोई


अपने
हिसाब
का
सवेरा



अपने
समय
के
हिसाब से



करवाने
का



दुस्साहस
करता है



उनींदे
सूरज को



गिरेबान खींच


ला
कर
रख देना

***** 

हम-क़दम का नया विषय
*****

आज बस यहीं तक 
फिर मिलेंगे अगले गुरूवार। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...