सादर अभिवादन
कल हमारी काकी जी का बरहवां था
गंगा पूजन पर हम सब शहर से बाहर थे...
शनिवार को तेरहवीं के लिए हमें रोक लिया गया..
सो आज बुलेटिन नुमा प्रस्तुति...
हम पहली बार मोबाईल का उपयोग ब्लाग के लिए किए हैं
हमें खेद है आज का अंक हमारी नजरों में खरा नहीं है..
किसी रचनाकार को सूचना नहीं दी गई है....
आदेश दें....
दिग्विजय



