सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष
अवैतनिक होकर आज़ादी गिरवी रखें
आस विश्वास आश्वास विप्लवी रखें
छल आत्मसम्मान सबके बटोर लें

पहला भावात्मक तत्व है जो कि सभी प्राणियों में होता है
जबकि दूसरा तत्व संज्ञानात्मक है जो केवल मनुष्यों में है|
दूसरों के कष्ट या संवेगों को संबंधित व्यक्ति के दृष्टिकोण से
समझने की योग्यता सिर्फ मनुष्य में होती है|
परिचितों के प्रति, आत्मीय जन के प्रति, साथी मनुष्यों के प्रति या
जो हमारे जैसे होते हैं उनके प्रति समानुभूति अधिक होती है|
समझते हो जो किसी का दर्द,
तो उसका साथ पीछे से भी ना छोड़ना।
बंधन बांधना ऐसे की, फिर उसको
कभी अपने व्यवहार से ना तोड़ना।
एक होटल में पार्टी के दौरान कब लड़कियां बीयर की बोतलें मंगा कर पी गई,
पता ही नही चला?पैसे देते वक्त बिल में उन बोतलों का जिक्र आया
तब मुझे पता चला कि देवियों ने सुरापान किया था।
पापा अपनी बेटी को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए शहर में पढ़ने भेजते हैं ।

अपवादस्वरूप छोटी-मोटी गिरावटों को अगर परे रखें तो
भी सेंसेक्स अपनी रौ में मस्तराम ही बना हुआ है।
मार्केट के जानकार लोग बता रहे हैं कि सेंसेक्स में
बनी तेजी को अभी कुछ साल और प्रभावी रहना है!
><
स्वानुभूति समानुभूति के चक्कर में ढूँढ़ते रहे
उर्वरा जमीं सहानुभूति के लिए
फिर मिलेंगे...
अब बारी है हम-क़दम की
छप्पनवा क़दम
विषयः
याद
उदाहरण
फिर से आज बौराई शाम
देख के तन्हा मन की खिड़की
दबे पाँव आकर बैठी है
लगता है आज न जायेगी
यादों में पगलाई शाम
अंतिम तिथिः 02 फरवरी 2019
प्रकाशन तिथिः 04 फरवरी 2019
विषयः
याद
उदाहरण
फिर से आज बौराई शाम
देख के तन्हा मन की खिड़की
दबे पाँव आकर बैठी है
लगता है आज न जायेगी
यादों में पगलाई शाम
प्रकाशन तिथिः 04 फरवरी 2019